आवारा कुत्तों को हटाने पर दिल्ली कोर्ट का सख्त आदेश, निजी कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ होगी पुलिस कार्रवाई
आईजीआई एयरपोर्ट पर आवारा कुत्तों को हटाने के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने निजी कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि आवारा कुत्तों को हटाने का अधिकार केवल स्थानीय निकायों के पास है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
आईजीआई एयरपोर्ट पर आवारा कुत्तों को हटाने के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने निजी कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अदालत ने ड्राइवर की पहचान छिपाने और भ्रामक जानकारी देने पर गंभीर टिप्पणी करते हुए मामले की जांच आगे बढ़ाने को कहा।
नई दिल्ली: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर चल रहा विवाद अब और गंभीर हो गया है। पटियाला हाउस की एक मैजिस्ट्रेट अदालत ने एक प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आदेश देते हुए कहा कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि कुत्ते को एयरपोर्ट परिसर से हटाने वाले ड्राइवर की पहचान जानबूझकर छिपाई गई। अदालत ने इसे सरकारी कर्मचारी को गलत जानकारी देने का मामला भी माना है।
अदालत ने सुनवाई के दौरान कॉन्ट्रैक्टर पर पुलिस कार्रवाई के दिए आदेश
अडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट प्रणव जोशी ने रशिम शर्मा बनाम GMR एयरपोर्ट्स लिमिटेड मामले में 11 जून को सुनवाई के दौरान जे.के. कॉन्ट्रैक्टर की स्टेटस रिपोर्ट और जवाब पर गौर किया।
कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड से संकेत मिलता है कि कॉन्ट्रैक्टर ने उस व्यक्ति की पहचान उजागर नहीं की, जिसने कथित तौर पर कुत्ते को हटाया था।
आदेश में अहम टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा कि आवारा और नसबंदी किए गए कुत्तों को पकड़ने या हटाने का अधिकार केवल स्थानीय निकायों, जैसे MCD या NDMC, के पास है।
कोई निजी एजेंसी या कॉन्ट्रैक्टर यह काम अपने स्तर पर नहीं कर सकता।
इसी आधार पर अदालत ने IGI एयरपोर्ट थाने के SHO को निर्देश दिया कि सरकारी कर्मचारी को जानकारी देने से इनकार करने और भ्रामक जानकारी देने के आरोप में कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ नया कलंदरा तैयार किया जाए।
मैनेजमेंट एग्रीमेंट और CCTV फुटेज पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान GMR एयरपोर्ट्स और जे.के. कॉन्ट्रैक्टर के बीच हुए कथित मैनेजमेंट एग्रीमेंट पर भी सवाल उठे। अदालत ने शिकायतकर्ताओं को रिकॉर्ड पर मौजूद CCTV फुटेज देखने की अनुमति भी दी, लेकिन साफ कहा कि फुटेज सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंच पर शेयर न किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को है।
लेखक के बारे मेंप्राची यादवलगभग 19 साल से पत्रकारिता में हैं। सात साल तक एक दिल्ली-एनसीआर न्यूज चैनल में विभिन्न क्षेत्रों में काम किया। प्रोग्रामिंग और एंकरिंग भी की। टीवी से ही लीगल रिपोर्टिंग की शुरुआत हुई। उस दौरान, जिला अदालतों और दिल्ली हाई कोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट तक की रिपोर्टिंग की। 2013 में नवभारत टाइम्स से जुड़ीं। यहां पर शुरुआत जिला अदालतों, नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और उपभोक्ता अदालतों की रिपोर्टिंग से हुई। वर्तमान में अन्य सभी अदालतों के साथ दिल्ली हाई कोर्ट भी कवर कर रही हैं।... और पढ़ें
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