पेंशनधारियों ने सुप्रीम कोर्ट में दी न्याय की अपील
छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ की जिला इकाई ने छठवें और सातवें वेतनमान के एरियर मामले में सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने का फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए जिला फंड से खर्च किया जाएगा और पेंशनधारियों और तहसील शाखाओं से स्वैच्छिक सहयोग राशि ली जाएगी।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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पेंशनर्स बोले- अब सुप्रीम कोर्ट में भी लड़ेंगे एरियर की लड़ाई
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भास्कर न्यूज | रायगढ़
छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ की जिला इकाई ने छठवें और सातवें वेतनमान के एरियर मामले में सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पैरवी करने का फैसला लिया है। इसके लिए जिला फंड से खर्च करने के साथ ही पेंशनर्स और तहसील शाखाओं से स्वैच्छिक सहयोग राशि लेने पर सहमति बनी।
शनिवार को जिला अध्यक्ष कान्हा लाल बरेठ की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपाध्यक्ष मुरलीधर प्रधान ने बताया कि संघ ने छठवें वेतनमान के 32 माह और सातवें वेतनमान के 27 माह के एरियर के लिए हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की थीं। दोनों मामलों में फैसला पेंशनर्स के पक्ष में आया, लेकिन राज्य सरकार ने इन आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। जिला अध्यक्ष ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए अधिवक्ता से प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है। इस पर करीब डेढ़ लाख रुपए खर्च आने का अनुमान है। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्त करने पर जोर दिया गया। कुछ सदस्यों ने रायगढ़ के अधिवक्ताओं से भी सलाह लेने का सुझाव रखा। तय हुआ कि सुप्रीम कोर्ट की पैरवी का खर्च जिला फंड से किया जाएगा।
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