होमवकीलसहारनपुर में अदालत की सुनवाई जारी, पक्षों ने रखी दलीलें
वकील

सहारनपुर में अदालत की सुनवाई जारी, पक्षों ने रखी दलीलें

सहारनपुर कैलक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण में दोनों पक्षों ने अदालत में अपने-अपने पक्ष के समर्थन में दलीलें रखीं, मामले में शुक्रवार को अदालत की ओर से सुनवाई जारी रहेगी।

23 जुलाई 2026 को 08:13 pm बजे
सहारनपुर में अदालत की सुनवाई जारी, पक्षों ने रखी दलीलें

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6a626986c2485c9a3903551e","slug":"both-sides-presented-their-arguments-in-court-the-hearing-will-continue-today-as-well-saharanpur-news-c-30-1-sha1004-180252-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: अदालत में दोनों पक्षों ने रखी अपनी-अपनी दलीलें, आज भी होगी सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}

Saharanpur News: अदालत में दोनों पक्षों ने रखी अपनी-अपनी दलीलें, आज भी होगी सुनवाई

Fri, 24 Jul 2026 12:50 AM IST

मेरठ ब्यूरो

संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर

संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर

Updated Fri, 24 Jul 2026 12:50 AM IST

विज्ञापन

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

सहारनपुर। कलक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण में जिला जज की अदालत में दोनों पक्षों ने अपने पक्ष के समर्थन में दलीलें रखी। मामले में शुक्रवार को अदालत की ओर से सुनवाई जारी रहेगी।

बृहस्पतिवार को अदालत में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। मस्जिद पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा दिए गए निर्णय पर स्टे लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु अदालत के समक्ष रखे। वहीं शासकीय अधिवक्ता ने भी दलील प्रस्तुत करते हुए अपने पक्ष में दस्तावेज और अन्य तथ्य अदालत के प्रस्तुत किए।

मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता मोहम्मद तारीक सिद्दीकी ने बताया कि नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ न्यायालय में अपील दाखिल की गई थी। पिछली सुनवाई में अदालत ने अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार किया था। बृहस्पतिवार को मामले में सुनवाई के दौरान मस्जिद से संबंधित दस्तावेज अदालत के समक्ष रखे गए हैं।

विज्ञापन

शासकीय अधिवक्ता ने दस्तावेजों को दाखिल करने के लिए अदालत से कुछ समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार किया है। बता दें कि 16 जुलाई को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद को अवैध करार देते हुए 6.41 करो़ड़ का जुर्माना भी लगाया था। इसी आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष ने याचिका दाखिल की थी।

विज्ञापन

बृहस्पतिवार को अदालत में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। मस्जिद पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा दिए गए निर्णय पर स्टे लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु अदालत के समक्ष रखे। वहीं शासकीय अधिवक्ता ने भी दलील प्रस्तुत करते हुए अपने पक्ष में दस्तावेज और अन्य तथ्य अदालत के प्रस्तुत किए।

विज्ञापन

मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता मोहम्मद तारीक सिद्दीकी ने बताया कि नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ न्यायालय में अपील दाखिल की गई थी। पिछली सुनवाई में अदालत ने अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार किया था। बृहस्पतिवार को मामले में सुनवाई के दौरान मस्जिद से संबंधित दस्तावेज अदालत के समक्ष रखे गए हैं।

विज्ञापन

शासकीय अधिवक्ता ने दस्तावेजों को दाखिल करने के लिए अदालत से कुछ समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार किया है। बता दें कि 16 जुलाई को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद को अवैध करार देते हुए 6.41 करो़ड़ का जुर्माना भी लगाया था। इसी आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष ने याचिका दाखिल की थी।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर
वकील

ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव
वकील

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति
वकील

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
वकील

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव
वकील

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य
वकील

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य

ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
वकील

ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान
वकील

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान

ताज़ा ख़बरें