मतदाता सूची से नाम हटाने पर भी मिलेंगी सरकारी सुविधाएं, सुप्रीम कोर्ट ने दी मोहिबुल्ला मंडल को राहत
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटने पर भी व्यक्ति राशन जैसी सरकारी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने पश्चिम बंगाल के मोहिबुल्ला मंडल की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें हाई कोर्ट जाने की स्वतंत्रता दी।

सौजन्य से:- Navbharat Times
सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम हटने पर भी व्यक्ति राशन जैसी सरकारी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। सीजेआई सूर्यकांत की पीठ ने पश्चिम बंगाल के मोहिबुल्ला मंडल की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें हाई कोर्ट जाने की स्वतंत्रता दी।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि SIR के दौरान यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाता है, तब भी वह राशन जैसी सरकारी सुविधाओं का हकदार बना रहता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से नाम हटने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति अन्य वैधानिक लाभों से वंचित हो जाएगा।
चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने पश्चिम बंगाल के निवासी मोहिबुल्ला मंडल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था कि राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के जून में जारी आदेश के आधार पर उनका राशन कार्ड रद्द, निलंबित या समाप्त न किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट जाने की स्वतंत्रता दी
साथ ही उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर उनकी अपील पर अपीलीय प्राधिकरण का फैसला आने तक उन्हें सब्सिडी वाला राशन मिलता रहे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इस मामले में उचित राहत कलकत्ता हाई कोर्ट दे सकता है। अदालत ने याचिका का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने की स्वतंत्रता प्रदान की।
अपीलीय प्राधिकरण को सीजेआई ने दिया निर्देश
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यदि आपका नाम मतदाता सूची से हटा भी दिया जाता है, तब भी आप कुछ सरकारी लाभों के हकदार हैं। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अपीलीय प्राधिकरण को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता की अपील पर संभव हो तो दो महीने के भीतर फैसला किया जाए। यदि इसके बाद भी उनकी शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो वे हाई कोर्ट जा सकते हैं।
लेखक के बारे मेंराजेश चौधरीराजेश चौधरी 2007 से नवभारत टाइम्स से जुड़े हुए हैं। वह दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, निचली अदालत और सीबीआई से जुड़े विषयों को कवर करते हैं और स्पीड न्यूज में भी आपको इस बारे में खबर देते रहेंगे। यदि आपके पास कोर्ट से जुड़े मामलों की कोई सूचना है तो आप उनसे इस ईमेल अड्रेस - journalistrajesh@gmail.com - पर संपर्क कर सकते हैं।... और पढ़ें
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