होमवकीलसुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने एशियाई खेलों की घुड़सवारी टीम चयन मामले की सुनवाई से हटे
वकील

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने एशियाई खेलों की घुड़सवारी टीम चयन मामले की सुनवाई से हटे

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के वी विश्वनाथन ने एशियाई खेलों की घुड़सवारी टीम चयन मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। यह मामला भारत की ड्रेसेज टीम में घुड़सवार अनुष अग्रवाला और सुदीप्ति हाजेला को नहीं चुने जाने के बारे में है।

9 जुलाई 2026 को 04:58 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने एशियाई खेलों की घुड़सवारी टीम चयन मामले की सुनवाई से हटे

सौजन्य से:- Jagran

एशियाई खेलों की घुड़सवारी टीम चयन मामले की सुनवाई से हटे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के वी विश्वनाथन ने एशियाई खेलों की घुड़सवारी टीम चयन मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। ...और पढ़ें

HighLights

- न्यायाधीश के वी विश्वनाथन ने सुनवाई से खुद को अलग किया।

- मामला एशियाई खेलों की घुड़सवारी टीम चयन से जुड़ा।

- अब अन्य पीठ के समक्ष होगी याचिका की सुनवाई।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारत की ड्रेसेज टीम में घुड़सवार अनुष अग्रवाला और सुदीप्ति हाजेला को नहीं चुने जाने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के दखल नहीं देने के फैसले को चुनौती देने के बाद अब गुरुवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के वी विश्वनाथन ने भी खुद को याचिका की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया।

मामले में उच्च न्यायालय के दखल न देने के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए सहमित जताई थी। सुनवाई शुरू होने पर न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई नहीं करेंगे।

न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ करेगी सुनवाई

न्यायमूर्ति आलोक अराधे के साथ गठित पीठ ने कहा कि अब यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार किसी अन्य उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके बाद वरिष्ठतम उपलब्ध न्यायाधीश न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया गया।

पीठ ने मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दे दी। सात जुलाई को पीठ ने कहा था कि याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होगी, क्योंकि याचिकाकर्ताओं के वकील ने बताया था कि अंतिम चयन 15 जुलाई को होना है।

इससे पहले छह जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने अग्रवाला और सुदीप्ति के चयन नहीं होने के मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए एकल न्यायाधीश के पहले के फैसले को बरकरार रखा था।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें- ऑस्ट्रेलिया से भारत आएंगी भद्रकाली, नंदी और कार्तिकेय की 11वीं सदी की मूर्तियां, क्या है इनका महत्व?

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर
वकील

ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव
वकील

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति
वकील

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
वकील

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव
वकील

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य
वकील

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य

ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
वकील

ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान
वकील

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान

ताज़ा ख़बरें