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सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहा गया है कि नागरिक के जीवन की रक्षा करना सरकार का कर्तव्य है!
सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों के बावजूद दिल्ली सरकार ने कार्यकर्ता सोनम वांगहुक के अनशन का जवाब मौन बनाकर दिया है।

सौजन्य से:- The Hindu
सुप्रीम कोर्ट के कई फैसले और आदेश, असहमति के अधिकार को बाधित किए बिना भूख हड़ताल पर बैठे व्यक्ति के जीवन की रक्षा करने के राज्य के पितृसत्तात्मक कर्तव्य को उजागर करते हैं।
फिर भी सरकार ने पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहे कार्यकर्ता सोनम वांगहुक के अनशन का जवाब मौन रहकर दिया है, जबकि चिंतित दिल्ली उच्च न्यायालय ने 16 जुलाई को कहा था कि "किसी भी नागरिक का जीवन अनमोल है"।
प्रकाशित - 16 जुलाई, 2026 09:34 अपराह्न IST
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