संजय कपूर फैमिली ट्रस्ट विवाद में मध्यस्थता की उम्मीद
सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां और पत्नी के बीच फैमिली ट्रस्ट विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान की उम्मीद जताई है। मध्यस्थ पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थता प्रक्रिया जारी रखने के लिए निर्देशित किया गया है।

सौजन्य से:- Jagran
'अगर बातचीत नाकाम रही तो...' संजय कपूर फैमिली ट्रस्ट पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां और पत्नी के बीच फैमिली ट्रस्ट विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान की उम्मीद जताई है। ...और पढ़ें
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर फैमिली ट्रस्ट विवाद पर टिप्पणी की।
- सौहार्दपूर्ण समाधान की उम्मीद जताई, पूर्व CJI मध्यस्थ नियुक्त।
- डीवाई चंद्रचूड़ 2 नवंबर तक मध्यस्थता प्रक्रिया जारी रखेंगे।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट को उम्मीद है कि दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर और उनकी पत्नी प्रिया कपूर के बीच फैमिली ट्रस्ट मामले को लेकर चल रहे विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है और कोर्ट ने संबंधित पक्षों से इस दिशा में प्रयास करने को कहा है।
संपत्ति और एसेट्स पर कंट्रोल को लेकर कानूनी कार्यवाही दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही है और सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में ट्रस्ट की सभी संपत्तियों के हस्तांतरण पर यथास्थिति बनाए रखने की मांग की गई है। पिछले साल 12 जून को इंग्लैंड में पोलो मैच के दौरान गिरकर संजय कपूर की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चल रही मध्यस्थता प्रक्रिया काफी संतोषजनक ढंग से आगे बढ़ रही है और विरोधी पक्षों के बीच यह प्रक्रिया 2 नवंबर तक जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने 7 मई को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को पारिवारिक ट्रस्ट से जुड़े विवाद में मध्यस्थ के तौर पर काम करने के लिए नियुक्त किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि मध्यस्थ की फीस का भुगतान आरके फैमिली ट्रस्ट करे। साथ ही कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया गया कि सभी पक्षों को ऐसी स्थिति पैदा होने से पहले ही समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए, जिसमें मध्यस्थता विफल हो जाए।
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'हम उम्मीद करते हैं कि वो दिन न आए'
जस्टिस पारदीवाला ने कहा, "अगर मध्यस्थता विफल रहती है तो हम दोनों पक्षों को कानून के अनुसार आगे बढ़ने की अनुमति देंगे लेकिन उम्मीद है कि वह दिन न आए।" सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे काफी उम्मीद है कि परिवार के बीच चल रहे विवाद को आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है।
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