सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बीरभूम के चार निवासी बांग्लादेश से स्वदेश लौटे
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बीरभूम जिले के चार निवासी बांग्लादेश से वापस लौट आए। इनमें स्वीटी बीबी, उनके दो नाबालिग बेटे और दानिश शेख शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने उन्हें पिछले साल हिरासत में लिया था, जिसके बाद उन्हें बांग्लादेश की सीमा पार करा दिया गया था।

सौजन्य से:- Jagran
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बांग्लादेश भेजे गए बीरभूम के चार निवासी लौटे भारत
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बीरभूम के चार निवासी बुधवार को बांग्लादेश से भारत लौट आए। ...और पढ़ें
HighLights
- बीरभूम के चार निवासी बांग्लादेश से भारत लौटे।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई यह वापसी।
- दिल्ली पुलिस ने पिछले साल इन्हें हिरासत में लिया था।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बंगाल के बीरभूम जिले के चार निवासी बुधवार को बांग्लादेश से भारत लौट आए। इनमें स्वीटी बीबी, उनके दो नाबालिग बेटे और दानिश शेख शामिल हैं। दानिश, सोनाली खातून के पति हैं। सोनाली और उनका नाबालिग बेटा पिछले वर्ष दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भारत लौट आए थे।
अधिकारियों ने बताया कि चारों को मालदा के महदीपुर एकीकृत जांच चौकी के रास्ते भारत लाया गया। सीमा पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद प्रशासन ने उन्हें उनके पैतृक गांव बीरभूम भेजने की व्यवस्था की।
बीरभूम के चार निवासी बांग्लादेश से लौटे भारत
पुलिस के अनुसार, पिछले वर्ष 22 जून को दिल्ली पुलिस ने इन सभी को उस समय हिरासत में लिया था, जब वे राष्ट्रीय राजधानी में फेरी लगाने का काम कर रहे थे।
स्वजन का आरोप था कि बांग्ला भाषा बोलने के कारण उन पर घुसपैठिया होने का संदेह किया गया। बाद में उन्हें असम ले जाकर कथित रूप से बांग्लादेश की सीमा पार करा दिया गया, जहां वे फंस गए।
परिवारों ने पहले कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सोनाली खातून को गर्भावस्था के उन्नत चरण को देखते हुए दिसंबर 2025 में उनके बेटे सबीर के साथ भारत लौटाया गया था। उन्होंने जनवरी में एक पुत्र को जन्म दिया। शेष चार लोगों की वापसी के लिए कानूनी लड़ाई जारी रही।
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