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जितेंद्र तोमर को मुश्किलें घेरती जा रही हैं, TMBU फर्जी लॉ डिग्री मामले में साकेत कोर्ट ने दिए आदेश

दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की कथित फर्जी लॉ डिग्री मामले में साकेत कोर्ट ने विश्वविद्यालयों के दस्तावेजों का गहन सत्यापन कराने का आदेश दिया है। अदालत ने अतिरिक्त समय मांगने के बाद टीएमबीयू के पूर्व कॉलेज इंस्पेक्टर को मामले में पेश होने के लिए कहा है।

30 जून 2026 को 02:25 pm बजे
जितेंद्र तोमर को मुश्किलें घेरती जा रही हैं, TMBU फर्जी लॉ डिग्री मामले में साकेत कोर्ट ने दिए आदेश

सौजन्य से:- Jagran

चर्चा में आए केजरीवाल सरकार के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र तोमर, TMBU फर्जी लॉ डिग्री केस में साकेत कोर्ट में सुनवाई

दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की कथित फर्जी लॉ डिग्री मामले में साकेत कोर्ट में सुनवाई हुई। टीएमबीयू के पूर्व कॉलेज इंस्पेक्टर ने दस ...और पढ़ें

HighLights

- जितेंद्र तोमर की फर्जी लॉ डिग्री मामले में सुनवाई।

- टीएमबीयू के पूर्व इंस्पेक्टर ने दी गवाही।

- दस्तावेजों के सत्यापन को मांगा अतिरिक्त समय।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। टीएमबीयू की कथित फर्जी ला डिग्री से जुड़े बहुचर्चित मामले के कारण अचानक फिर चर्चा में आए दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस विवादित मामले में मंगलवार को दिल्ली की साकेत कोर्ट में एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई। सुनवाई के दौरान टीएमबीयू के पूर्व कॉलेज इंस्पेक्टर डॉ. मनींद्र कुमार सिंह गवाही के लिए अदालत में पेश हुए।

दस्तावेजों के लिए मांगा अतिरिक्त समय

अदालत के समक्ष अपनी गवाही देते हुए डॉ. मनींद्र कुमार सिंह ने एक महत्वपूर्ण व्यावहारिक समस्या रखी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि इस मामले से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों की संख्या काफी अधिक है। इतने कम समय में इन सभी कागजातों का पूरी तरह और सटीक सत्यापन (वेरिफिकेशन) कर पाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

अब तीन जुलाई को होगी अगली सुनवाई

पूर्व कॉलेज इंस्पेक्टर की इस दलील पर विचार करते हुए साकेत कोर्ट ने उन्हें आवश्यक कार्य के लिए अतिरिक्त समय दे दिया। इसके साथ ही माननीय अदालत ने इस हाईप्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई के लिए आगामी तीन जुलाई की तारीख तय कर दी है। सुनवाई के दौरान जितेंद्र सिंह तोमर के अधिवक्ता भी कोर्ट रूम में मौजूद रहे।

सभी संबंधित यूनिवर्सिटी की होगी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इस केस से जुड़े सभी संबंधित विश्वविद्यालयों के दस्तावेजों का गहन सत्यापन कराने का भी कड़ा निर्देश दिया है। बता दें कि तोमर ने अपना नामांकन मुंगेर विश्वविद्यालय के वीएस इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज में दर्शाया था, जो उस समय भागलपुर के टीएमबीयू से संबद्ध था।

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नामांकन के दस्तावेजों पर गहराया विवाद

पूर्व मंत्री जितेंद्र तोमर के नामांकन में प्रयुक्त दस्तावेज उत्तर प्रदेश के फैजाबाद विश्वविद्यालय और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से जारी बताए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों की सत्यता को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा है, जिसकी जांच अब अपने अंतिम चरणों की ओर बढ़ रही है।

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