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सुप्रीम कोर्ट में खुलासा: अभिषेक बनर्जी का विदेश यात्रा का मामला, क्या कहा कोलकाता हाईकोर्ट ने

तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने अपनी ऑपरेशन के लिए विदेश जाने की इजाजत मांगी है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहले उन्हें विदेश जाने से इनकार कर दिया था. बनर्जी ने मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होने से इनकार किया था, जिसके बाद हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी.

8 अगस्त 2026 को 11:15 am बजे
सुप्रीम कोर्ट में खुलासा: अभिषेक बनर्जी का विदेश यात्रा का मामला, क्या कहा कोलकाता हाईकोर्ट ने

सौजन्य से:- AajTak

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तृणमूल कांग्रेस TMC के सांसद अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया गया था.

दरअसल, अभिषेक बनर्जी ने अपनी आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत मांगते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. हालांकि, 5 अगस्त को हाईकोर्ट ने उनकी यह अर्जी खारिज कर दी थी.

हाईकोर्ट का कहना था कि सांसद कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम SSKM अस्पताल में मेडिकल बोर्ड के सामने अपनी मेडिकल जांच कराने के लिए पेश होने को तैयार नहीं थे. कोर्ट का मानना था कि अगर वे मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होते, तो स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की राय के आधार पर यह तय किया जा सकता था कि वाकई उन्हें विदेश जाकर इलाज कराने की जरूरत है या नहीं.

मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होने से इनकार करने के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में आगे कोई राहत देने से मना कर दिया और याचिका को खारिज कर दिया.

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गौरतलब है, इससे पहले 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा था कि वह अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा से जुड़ी याचिका पर एक हफ्ते के अंदर सुनवाई करे. सुप्रीम कोर्ट में बनर्जी की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील गोपाल नारायणन ने अदालत को बताया था कि यह याचिका हाईकोर्ट के उस आदेश में संशोधन के लिए है जिसके तहत उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी गई थी.

दरअसल, यह पूरा विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान 27 अप्रैल को एक जनसभा में विरोधी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित बयानों से जुड़े एक मामले से उपजा है. इस मामले में हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ किसी भी तरह की कड़ी कार्रवाई पर रोक अंतरिम सुरक्षा बढ़ा दी थी.

यह सुरक्षा 6 अक्टूबर तक या अगले आदेश तक बढ़ाई गई थी. हालांकि, इस राहत के साथ कोर्ट ने यह शर्त भी रखी थी कि बनर्जी जांच में पूरा सहयोग करेंगे और कोर्ट की इजाजत के बगैर देश छोड़कर बाहर नहीं जाएंगे.

यह भी पढ़ें: कलकत्ता हाईकोर्ट से अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत: भवानीपुर-कालीघाट FIR मामले में 6 अगस्त तक गिरफ्तारी पर रोक

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हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की थी अर्जी?

सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट ने साफ किया था कि जब इस मामले की जांच अभी चल रही है, तब याचिकाकर्ता को विदेश जाने की इजाजत देना सही नहीं है. कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि कोलकाता में ही कई जाने-माने और प्रतिष्ठित आई क्लीनिक मौजूद हैं, जहां इलाज मुमकिन है. टीएमसी सांसद ने अपने ऊपर दर्ज एफआईआर को रद्द करने की भी मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने नियमों के तहत सुनवाई की बात कही थी.

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