ट्रंप की टैरिफ रणनीति में नया मोड़: 150‑दिन का 15% प्लान B, अदालत की रोक के बीच
अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने ट्रेड एक्ट 1974 के तहत एक दो‑चरणीय ‘प्लान B’ तैयार किया है, जिससे पहले 150 दिन के लिए 15 प्रतिशत का अस्थायी टैरिफ लगाया जाएगा और बाद में सेक्शन 301 के तहत अधिक कठोर शुल्क लागू किए जा सकते हैं। यह कदम उस अदालत के आदेश के बाद उठाया गया है जिसने राष्ट्रपति द्वारा IEEPA के दुरुपयोग की ओर इशारा किया था, जबकि एक अपीलीय कोर्ट ने मौजूदा टैरिफ को फिलहाल बरकरार रखने की अनुमति दी है। सरकार अब कानूनी विकल्पों की तलाश में है ताकि ट्रेड नीति को स्थिर रखा जा सके।

सौजन्य से:- Business Standard
अमेरिका का ट्रंप प्रशासन अपने बड़े टैरिफ यानी आयात शुल्क को जारी रखने के लिए एक नया ‘प्लान B’ बना रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक अमेरिकी अदालत ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने आपातकालीन आर्थिक अधिकारों का गलत इस्तेमाल करके ये टैरिफ लगाए हैं। अब सरकार ट्रेड एक्ट 1974 के तहत नया रास्ता अपनाना चाहती है, जिसमें पहले 150 दिनों के लिए 15 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा और बाद में गलत व्यापार प्रथाओं के खिलाफ और भी खास टैरिफ लगाए जाएंगे। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दी है।
पिछले हफ्ते एक संघीय अपील कोर्ट ने पुराने टैरिफ को फिलहाल लागू रहने दिया है, जबकि ट्रंप प्रशासन निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील कर रहा है। लेकिन कानून की अनिश्चितता के कारण सरकार अब नए विकल्प तलाश रही है ताकि राष्ट्रपति की ट्रेड नीति को सुरक्षित रखा जा सके।
यह भी पढ़ें…Trump Tariffs: ट्रंप के टैरिफ जारी रहेंगे, अपीलीय अदालत ने रोक लगाने से किया इनकार
ट्रंप सरकार का दो चरण वाला प्लान
ट्रंप प्रशासन के प्लान B के मुताबिक सबसे पहले ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 के तहत 150 दिनों के लिए 15 फीसदी का अस्थायी टैरिफ लगाया जाएगा। यह धारा पहले कभी इस्तेमाल नहीं हुई है और यह व्यापार असंतुलन को ठीक करने के लिए बनाई गई है। इसके बाद, सेक्शन 301 के तहत लंबे समय के लिए टैरिफ लगाए जाएंगे, जो कानून के हिसाब से मजबूत माना जाता है।
व्हाइट हाउस के अधिकारी अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं कर पाए हैं, लेकिन प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा है कि वे कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करते हुए नए कानूनी रास्ते तलाश रहे हैं।
ट्रंप के वरिष्ठ ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो ने भी इस दो-चरणीय योजना की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अन्य ट्रेड कानूनों जैसे कि 1930 के स्मूट-हॉले टैरिफ एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों पर भी विचार कर सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि नया प्लान B मौजूदा कानून की तुलना में ज्यादा सुरक्षित है। अभी जो टैरिफ हैं वे अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियों के कानून (IEEPA) पर आधारित थे, जो कभी टैरिफ लगाने के लिए इस्तेमाल नहीं हुआ था।
28 मई को अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत ने कहा था कि ट्रंप प्रशासन का IEEPA का उपयोग व्यापार घाटा कम करने के लिए गैरकानूनी है। अदालत ने कहा कि इस कानून से राष्ट्रपति को बिना कांग्रेस की मंजूरी के बड़े टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। हालांकि, 29 मई को एक अपील कोर्ट ने फिलहाल टैरिफ लागू रखने की मंजूरी दी है।
अदालत के फैसले से ट्रेड डील पर हो सकता है असर
ट्रंप प्रशासन का मानना है कि नए कानूनों के इस्तेमाल से टैरिफ जारी रहेंगे और ट्रेड वार में उनकी मजबूती बनी रहेगी। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का फैसला अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच बड़े ट्रेड समझौते का रास्ता भी साफ कर सकता है, क्योंकि इससे टैरिफ के मामले में एक बड़ी रुकावट हट सकती है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ECI के दावे पर संदेह: क्या सुप्रीम कोर्ट ने नया फॉर्म‑6 घोषणा मंज़ूर किया?

बबेरू के दूकानदारों को सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, विवाद में मिली राहत

तेलंगाना हाईकोर्ट ने SRSP विस्थापित महिला को कृषि भूमि न मिलने पर सरकार को किया कड़ा सवाल

फु क्वोक में छात्र मॉक ट्रायल से कानूनी ज्ञान और सामाजिक कौशल हासिल करते हैं

हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों को सील‑ध्वस्त करने का आदेश दिया

हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को चेतावनी: इलाज में देरी नहीं, २५,००० रुपये जुर्माना

MP उच्च न्यायालय में याचिकाओं से टैक्स ऑडिट डेडलाइन पर बढ़े प्रश्न
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को विवादास्पद नागरिकता डेटाबेस के उपयोग की स्वीकृति दी
- सुप्रीम कोर्ट ने SAVE डेटाबेस के इस्तेमाल को मंजूरी दी, ट्रम्प प्रशासन को राहत
- कानून का सही उपयोग: बहादुरपुर में एससी-एसटी अधिनियम पर बैठक
- सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने की याचिका खारिज की, आदेश से नहीं थोप सकते भाषा
- एपी हाई कोर्ट ने अमरावती को राजधानी मानने के बाद तीन‑राजधानी प्रस्ताव को निरर्थक घोषित किया
- सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं रोका SIR?
- महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह की बरी को चुनौती, दिल्ली कोर्ट में दायर की अपील
- ICU सुधार में नया कदम: कोर्ट ने बुनियादी ढाँचा 9 महीने, स्टाफिंग 6 महीने में पूरा करने का आदेश

