अब ट्रैफिक चालान का जल्द निपटारा होगा, सुनवाई स्थायी लोक अदालत में
बिहार सरकार ने संधि योग्य ट्रैफिक चालानों की सुनवाई के लिए स्थायी लोक अदालतों को चुना है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव धर्मेंद्र कुमार सिंह ने सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को एक पत्र में पटना उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए जारी किया है।

सौजन्य से:- Jagran
बिहार में ट्रैफिक चालान के मामलों का अब जल्द होगा निपटारा, स्थायी लोक अदालत में होगी सुनवाई
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार ने निर्देश दिया है कि संधि योग्य ट्रैफिक चालानों की सुनवाई अब स्थायी लोक अदालत में होगी। ...और पढ़ें
HighLights
- संधि योग्य ट्रैफिक चालानों की सुनवाई अब स्थायी लोक अदालत में।
- बिहार विधिक सेवा प्राधिकार ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए।
- पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर लंबित चालानों का त्वरित निपटान।
जागरण संवाददाता, पटना। अब संधि योग्य ट्रैफिक चालानों की सुनवाई स्थायी लोक अदालत में होगी। इस संबंध में बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार ने राज्य के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकारों को निर्देश जारी किया है।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्य सचिव धर्मेंद्र कुमार सिंह के हस्ताक्षर से आठ जुलाई को जारी पत्र में पटना उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि बड़ी संख्या में लंबित ट्रैफिक चालानों के त्वरित निष्पादन के लिए संधि योग्य सभी चालानों की सुनवाई स्थायी लोक अदालत में कराई जाए।
पत्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकारों को जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सुनवाई की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
कठिनाई आने पर दें सूचना
साथ ही कहा गया है कि यदि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में किसी प्रकार की कठिनाई आती है तो इसकी तत्काल सूचना राज्य विधिक सेवा प्राधिकार को दी जाए।
निर्देश प्राप्त होने के बाद पटना जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने स्थायी लोक अदालत में ट्रैफिक चालानों की सुनवाई की व्यवस्था पूरी कर दी है।
इस संबंध में स्थायी लोक अदालत परिसर में सूचना-पट भी लगा दिया गया है। वर्तमान में पटना सिविल कोर्ट परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अंतर्गत संचालित स्थायी लोक अदालत में अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार पांडे तथा सदस्य रेशमा प्रसाद और संजय शुक्ला की तीन सदस्यीय पीठ कार्यरत है।
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