फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों की सूची में यूपी सबसे ऊपर, आरटीआई में खुलासा - up tops the list of cases pending in fast track courts
फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों की सूची में यूपी सबसे ऊपर, आरटीआई में खुलासा देशभर की फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों में से लगभग 78 प्रतिशत मामले उत्तर प्रदेश के हैं, जहां 13.74 लाख से अधिक मामले निस्तारण का इ…

सौजन्य से:- Jagran
फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों की सूची में यूपी सबसे ऊपर, आरटीआई में खुलासा
देशभर की फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों में से लगभग 78 प्रतिशत मामले उत्तर प्रदेश के हैं, जहां 13.74 लाख से अधिक मामले निस्तारण का इंतजार कर रहे हैं।
HighLights
- दिल्ली में काम कर रहीं 26 फास्ट ट्रैक अदालतों में 7385 मामले लंबित हैं
- सिक्किम में सबसे कम लंबित मामले पाए गए, दो अदालतों में 18 मामले लंबित मिले
पीटीआई, नई दिल्ली। देशभर की फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों में से लगभग 78 प्रतिशत मामले उत्तर प्रदेश के हैं, जहां 13.74 लाख से अधिक मामले निस्तारण का इंतजार कर रहे हैं।
दिल्ली में 26 फास्ट ट्रैक अदालतें काम कर रही हैं जिनमें 7385 मामले लंबित हैं। सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत न्याय विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, 30 जून तक देशभर की फास्ट ट्रैक अदालतों में 17.5 लाख से ज्यादा मामले लंबित थे।
यह आंकड़ा न्याय विभाग ने इस साल 10 अगस्त को नोएडा के सामाजिक कार्यकर्ता अमित गुप्ता द्वारा आरटीआई कानून के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में साझा किया था।
त्वरित अदालतें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा संबंधित हाई कोर्ट के साथ परामर्श करके खास तरह के मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए गठित की जाती हैं।
न्याय विभाग ने बताया कि 30 जून, 2026 तक 21 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 884 फास्ट ट्रैक अदालतें काम कर रही थीं। इन अदालतों की स्थापना के लिए राज्यों को कोई केंद्रीय सहायता नहीं दी जा रही है।
उत्तर प्रदेश लंबित मामलों की सूची में सबसे ऊपर है, जहां 373 फास्ट ट्रैक अदालतों में 13.74 लाख से अधिक मामले लंबित हैं।
इसके बाद महाराष्ट्र का नंबर आता है, जहां कार्यरत 117 अदालतों में 1.35 लाख मामले लंबित हैं। अधिक लंबित मामलों वाले अन्य राज्यों में बंगाल (93,245), तमिलनाडु (89,703) और असम (17,145) शामिल हैं।
सिक्किम में सबसे कम लंबित मामले पाए गए, जहां दो अदालतों में 18 मामले लंबित मिले। कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक भी फास्ट ट्रैक अदालत काम नहीं कर रही है।
इन राज्यों में बिहार, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नगालैंड शामिल हैं।
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