भ्रामक विज्ञापन के खिलाफ उपभोक्ता संगठन की हाई कोर्ट में कार्रवाई

एक उपभोक्ता संगठन ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें कथित भ्रामक विज्ञापन का आरोप लगाया गया है जिससे उपभोक्ताओं को वास्तविक गुणवत्ता, प्रभाव और लाभ के बारे में भ्रमित होने की आशंका है।
पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।
विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

