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कानून

स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को विधिक तरीके से लेनी होगी शपथ

Live Hindustan के अनुसार · 24x7 NYAYA
स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को विधिक तरीके से लेनी होगी शपथ
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि निर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को कानून के अनुसार ही शपथ लेनी होगी। अदालत ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के भाजपा पार्षदों द्वारा देवी-देवताओं के नाम पर ली गई शपथ को अमान्य करार दिया। अदालत ने निर्धारित शपथ प्रारूप में बदलाव को अस्वीकार किया और नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता की पहचान दी।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।

कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

कानून

राज्य में न्यायालयों के कार्यालयों के रखरखाव के लिए कोई बाधा नहीं, केरल उच्च न्यायालय

राज्य में न्यायालयों के कार्यालयों के रखरखाव के लिए कोई बाधा नहीं, केरल उच्च न्यायालय

केरल उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया है कि लोक निर्माण विभाग को अपने आंतरिक बुनियादी ढांचे के रखरखाव में कोई बाधा नहीं है। यह निर्णय उन कार्यों के लिए आवश्यक है जो उच्च न्यायालय और अन्य न्यायालयों के बुनियादी ढांचे से संबंधित हैं।

विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

कानून

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क्रिप्टो एक्सचेंजों को विनियमित करने की अपनी शक्ति से इनकार किया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क्रिप्टो एक्सचेंजों को विनियमित करने से इनकार दिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि क्रिप्टो कानून बनाना सरकार की जिम्मेदारी है। अदालत ने कहा कि यह सरकार और संसद के अधिकार क्षेत्र में है, न कि न्यायपालिका के अंतर्गत। यह फैसला भारत में क्रिप्टो निवेशकों के लिए जोखिमों और कानूनी अंतर को दर्शाता है

अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

अपराध

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस को अनिवार्य संचालन प्रक्रिया का पालन करने का निर्देश दिया

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस को एक व्यापक रिपोर्ट दाखिल करने और लापता ट्यूनी ज्ञानेश्वरी का पता लगाने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनिवार्य मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

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