ई-पेपर

गुरुवार, 30 जुलाई 2026 · दिल्ली संस्करण

पृष्ठ 1 / 7
100%
दैनिक ई-संस्करणनई दिल्ली
24x7 NYAYA — Legal News Network
न्याय ही सत्य है
गुरुवार, 30 जुलाई 2026हिंदी लीगल न्यूज़ नेटवर्कमूल्य ₹0 · डिजिटल
संविधान

केंद्र सरकार ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के कानून पर SC में किया बचाव

Jagran के अनुसार · 24x7 NYAYA
केंद्र सरकार ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के कानून पर SC में किया बचाव
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

केंद्र सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया को विनियमित करने से संबंधी कानून का बचाव किया है, जिसमें चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली चयन समिति से चीफ जस्टिस आफ इंडिया को बाहर रखा गया है।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।

अपराध

सुप्रीम कोर्ट: पैलेट गन से घायल लोगों का इलाज सुनिश्चित करें

सुप्रीम कोर्ट: पैलेट गन से घायल लोगों का इलाज सुनिश्चित करें

भारत की सुप्रीम कोर्ट ने पैलेट गन से घायल लोगों के इलाज के प्रति सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी किया है. यह आदेश पुलिस संबंधी गतिविधियों के दौरान पैलेट गन का उपयोग करते समय घायल हुए लोगों के लिए है. उच्च न्यायालय के निर्देश का उल्लंघन करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस संगठनों को नोटिस जारी किया है.

आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने आप नेताओं से जवाब मांगा, चंडीगढ़ दंगा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के सीएम भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेताओं से जवाब मांगा है। 2020 के चंडीगढ़ दंगा मामले में कार्रवाई की जाएगी।

अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।

वकील

दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर बने रहने की कानूनी वैधता पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल

भारत के मुख्य न्यायाधीश ने पूछा, 'यदि कोई मंत्री निर्वाचित नहीं होता है, तो आप उसे छह महीने से अधिक समय तक कैसे बनाए रख सकते हैं?'

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

24x7nyayanews.liveपृष्ठ 1 / 7