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वकील

आईएएस अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट में राज्य हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी

livelaw.in के अनुसार · 24x7 NYAYA
आईएएस अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट में राज्य हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंधुरी ने कर्नाटक के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें उन्हें कथित कपड़ा बैग घोटाले में जांच की अनुमति देने का आदेश दिया गया था।

कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

मुकदमे

भारतीयों की दोहरी मानसिकता पर बॉम्बे HC की टिप्पणी

भारतीयों की दोहरी मानसिकता पर बॉम्बे HC की टिप्पणी

बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई में कूड़ा-कचरा फैलाने और कचरे के प्रबंधन में ढिलाई बरतने पर फटकार लगाई, कहा कि भारतीय लोग विदेशों में साफ-सुथरे रहते हैं लेकिन अपने देश में गंदगी फैलाते हैं और यही स्वतंत्रता और लोकतंत्र की कीमत हो सकती है क्या?

मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।

कानून

बैंक कर्मी तैयार करें ऋण चुकाने के लिए यथा संभव मानसिकता!

नगर प्रतिनिधि राष्ट्रीय लोक अदालत लिए बैंक मैनेजरों के साथ बैठक। समस्त बैंक मैनेजर का कहना कि सभी ऋण धारकों को नोटिस निर्गत करते हुए लोक अदालत में बैंक लोन का मामला दर्ज करें ।

अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।

फैसले

पीएलवी को दिया प्रशिक्षण, स्थायी लोक अदालत के लाभों को बढ़ावा देने का लक्ष्य

बलरामपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पैरा लेजिस्लेटिव वोलंटियर्स (पीएलवी) को स्थायी लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए प्रशिक्षित किया। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को इसके लाभों के प्रति जागरूक करना है।

पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

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