ई-पेपर

शनिवार, 1 अगस्त 2026 · दिल्ली संस्करण

पृष्ठ 1 / 7
100%
दैनिक ई-संस्करणनई दिल्ली
24x7 NYAYA — Legal News Network
न्याय ही सत्य है
शनिवार, 1 अगस्त 2026हिंदी लीगल न्यूज़ नेटवर्कमूल्य ₹0 · डिजिटल
अपराध

न्यायिक तबादलों में बड़ा फेरबदल, सात न्यायाधीश राउज एवेन्यू में स्थानांतरित

India Today के अनुसार · 24x7 NYAYA
न्यायिक तबादलों में बड़ा फेरबदल, सात न्यायाधीश राउज एवेन्यू में स्थानांतरित
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 151 न्यायिक अधिकारियों का तबादला कर दिया, जिनमें 13 न्यायाधीश भी शामिल हैं। छह न्यायाधीशों को विशेष एनआईए अदालतों में तैनात किया गया है, जो सभी एनआईए परीक्षणों को पटियाला हाउस से स्थानांतरित करेंगे।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।

वकील

कानूनी रूप से जिज्ञासु लोगों के लिए एक आकर्षक क्विज़, विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार

कानूनी रूप से जिज्ञासु लोगों के लिए एक आकर्षक क्विज़, विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार

लाइवलॉ और क्यूशाला एक साप्ताहिक क्विज़ शुरू कर रहे हैं जिसमें कानून संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे. विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार मिलेंगे और यह प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से आयोजित की जाएगी.

आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

अपराध

एंटी-पेपर लीक कानून: परीक्षाओं में होगी पारदर्शिता, 3 बड़े फायदे!

इसराइली प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए एंटी-पेपर लीक कानून लागू किया गया है। इसके तहत पेपर लीक और नकल करने वालों को कठोर सजा मिलेगी, जिसमें 3-5 साल की कैद और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल है। इससे आम स्टूडेंट्स को कई फायदे होंगे।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।

संविधान

न्यायिक नियुक्तियों में पारदर्शिता पर सुप्रीम कोर्ट के जज की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि न्यायिक नियुक्तियों में पारदर्शिता की कमी से अनुचित व्यक्तियों को न्यायपालिका में प्रवेश मिल सकता है, उन्होंने न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया और न्यायपालिका के भीतर जवाबदेही का मुद्दा उठाया।

मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।

24x7nyayanews.liveपृष्ठ 1 / 7