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वकील

पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के महंगाई भत्ते आदेश को SC में चुनौती दी, 14,191 करोड़ रुपये के एक हफ्ते में भुगतान को असंभव कहा

The New Indian Express के अनुसार · 24x7 NYAYA
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के महंगाई भत्ते आदेश को SC में चुनौती दी, 14,191 करोड़ रुपये के एक हफ्ते में भुगतान को असंभव कहा
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर हाईकोर्ट के आदेश को उलटने की माँग की, जिसमें कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को एक पखवाड़े में लगभग 14,191 करोड़ रुपये का महंगाई भत्ता (डीए) और राहत (डीआर) जारी करने का निर्देश है। राज्य ने कहा कि इतनी कम अवधि में इस राशि का भुगतान संविधान के तहत संभव नहीं है, और यह कदम चार लाख कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश के बाद उठाया गया है, जबकि आगे के प्रदर्शन और प्रतीकात्मक सभा भी निर्धारित हैं।

आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

कानून

बादशाह और ईशा रिखी ने रिश्ते को अलविदा कहने का फैसला किया

बादशाह और ईशा रिखी ने रिश्ते को अलविदा कहने का फैसला किया

बादशाह और ईशा रिखी ने अब साथ नहीं रहने का निर्णय लिया है। दोनों ने अपने अलगाव की बात सार्वजनिक कर दी है, जिससे उनके प्रशंसकों में हैरानी फैली है। यह घोषणा दोनों के बीच के रिश्ते के समाप्त होने को दर्शाती है।

आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

मुकदमे

केरल हाई कोर्ट ने वेश्यालय ग्राहकों को भी दंडनीय बना दिया

डिवीजन बेंच ने तय किया कि वेश्यालय में यौन सेवाओं के लिए भुगतान करने वाले व्यक्ति को अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 के तहत आरोपी माना जा सकता है, क्योंकि वे मानव शोषण की मांग बनाने वाले सक्रिय भागीदार हैं। इस फैसले से ग्राहक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएँगे और केवल गवाह नहीं रहेंगे।

अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

कानून

बिलासपुर, घुमारवीं और झंडूता में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण 12 सितंबर को बिलासपुर, घुमारवीं और झंडूता के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसरों में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित करेगा। इसमें लंबित तथा प्री‑लिटिगेशन मामलों को आपसी समझौते से निपटाया जाएगा, जिसमें बैंक‑श्रम विवाद, बिजली‑पानी के बिल, वैवाहिक झगड़े और मोटर वाहन चालान शामिल हैं।

कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।

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