सुप्रीम कोर्ट ने सीएपीएफ में आईपीएस प्रतिनियुक्ति के कार्यान्वयन पर सरकार से स्पष्टता मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन से 2025 के उस निर्णय के कार्यान्वयन पर स्पष्टीकरण मांगा, जिसमें सीएपीएफ के वरिष्ठ पदों पर आईपीएस अधिकारियों की नियुक्तियों को धीरे‑धीरे कम करने का निर्देश था। न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने बताया कि ‘मजबूत लॉबी’ के कारण कैडर अधिकारियों को दबा दिया गया है, जबकि 46 आईपीएस अधिकारियों को अभी भी SAG स्तर तक प्रतिनियुक्ति मिली है। सरकार ने कैडर समीक्षा शुरू कर 28 अक्टूबर 2025 के बाद विस्तृत प्रस्ताव भेजे हैं, जिनकी समीक्षा 22 सितंबर को फिर से सुनवाई के दौरान होगी।
पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।
विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

