ई-पेपर

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 · दिल्ली संस्करण

पृष्ठ 1 / 7
100%
दैनिक ई-संस्करणनई दिल्ली
24x7 NYAYA — Legal News Network
न्याय ही सत्य है
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026हिंदी लीगल न्यूज़ नेटवर्कमूल्य ₹0 · डिजिटल
मुकदमे

सर्वर त्रुटि 500: साइट अस्थायी रूप से अनुपलब्ध

ET Chemicals के अनुसार · 24x7 NYAYA
सर्वर त्रुटि 500: साइट अस्थायी रूप से अनुपलब्ध
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

सर्वर ने 500 कोड के साथ एक आंतरिक त्रुटि दिखायी है। उपयोगकर्ता को बताया गया है कि वर्तमान में समस्या है और बाद में पुनः प्रयास करना चाहिए। इस स्थिति में अतिरिक्त विवरण उपलब्ध नहीं है।

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।

कानून

कानपुर देहात में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन

कानपुर देहात में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन

कानपुर के ग्रामीण इलाकों में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कार्यक्रम की सफलता के लिये प्रचार‑वाहन चलाकर जागरूकता बढ़ाई है। इस मंच पर लंबित विवादों को आपसी सुलह‑समझौते के आधार पर निपटाया जाएगा, साथ ही जनपद की सभी तहसीलों में भी उसी दिन लोक अदालतें स्थापित की जाएँगी।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

मुकदमे

लातेहार कोर्ट में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत शिविर – बकाया ऋण पर विशेष राहत

भारतीय स्टेट बैंक के भैंसादोन शाखा प्रबंधक विवेक उत्तम होरो ने व्यवसायिक ऋण के बकायेदारों से अपील की है कि वे 12 सितंबर को लातेहार कोर्ट परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में आकर ऋण समझौता करें और बैंक द्वारा तय शर्तों के अनुसार विशेष छूट व राहत प्राप्त करें। यदि समझौता नहीं होता तो बैंक नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है, जिसमें बकायेदार की जानकारी सार्वजनिक करना भी शामिल हो सकता है।

पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

अपराध

सुप्रीम कोर्ट पर दारा सिंह की रिहाई याचिका: 1999 में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरियों की हत्या का दोषी

सुप्रीम कोर्ट दारा सिंह की जेल से रिहाई के लिए दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिन पर 1999 में ऑस्ट्रेलियाई ईसाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों की हत्या का दोषी ठहराया गया था। ओडिशा के मनोहरपुर के लोगों ने इस घटना की यादों और उसके प्रभावों पर चर्चा की है।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।

24x7nyayanews.liveपृष्ठ 1 / 7