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अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने पीएचडी पर सवाल के बावजूद सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति को बरकरार रखा, विश्वविद्यालय को पुनःजांच का आदेश

livelaw.in के अनुसार · 24x7 NYAYA
सुप्रीम कोर्ट ने पीएचडी पर सवाल के बावजूद सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति को बरकरार रखा, विश्वविद्यालय को पुनःजांच का आदेश
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

असली या नकली पीएचडी को लेकर संदेह रहने के बावजूद, सर्वोच्च न्यायालय ने यह कहा कि सहायक प्रोफेसर पद के लिए पीएचडी अनिवार्य योग्यता नहीं है और अभ्यर्थी ने यूजीसी‑नेट पास कर ली थी, इसलिए नियुक्ति जारी रही। साथ ही महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय को उस डॉक्टरेट की प्रामाणिकता की नई जाँच करने का निर्देश दिया गया।

पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।

विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

वकील

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व‑नियमितीकरण सेवा को पेंशन अधिकार में शामिल किया

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व‑नियमितीकरण सेवा को पेंशन अधिकार में शामिल किया

न्यायालय ने कहा कि अनुबंध, तदर्थ या दैनिक‑मजदूरी के आधार पर दी गई सेवा भी सेवानिवृत्ति व पेंशन के लिए मान्य है, भले ही उसमें काल्पनिक या प्रशासनिक अंतराल हो। इस फैसले में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की अपील खारिज कर दी गई और कर्मचारियों को नियमितीकरण‑पूर्व की सेवा को अर्हक मानते हुए पेंशन योजना के तहत रखा गया।

मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।

मुकदमे

सर्वर त्रुटि 500 – अस्थायी तकनीकी गड़बड़ी

वेबसाइट पर 500 सर्वर त्रुटि का संदेश दिख रहा है, जो बताता है कि सर्वर में कोई आंतरिक समस्या उत्पन्न हुई है। उपयोगकर्ताओं को सुझाव दिया गया है कि वे कुछ समय बाद पुनः प्रयास करें। इस त्रुटि के अलावा अतिरिक्त कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

वकील

दिवंगत कर्मचारी की विधवा की पेंशन दावे को देर से आवेदन पर दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज किया

पति की 2006 में मृत्यु के बाद, बैंक ने 2010 में एकबारगी पेंशन योजना खोली, लेकिन अंतिम तिथि 18 अक्टूबर 2010 से पहले आवेदन न करने पर विधवा सावित्री देवी ने 2 मार्च 2011 को आवेदन किया। बैंक की आंतरिक प्रक्रिया में गड़बड़ी के बावजूद, दिल्ली उच्च न्यायालय ने 7 जुलाई 2026 को उनके पेंशन दावे को अस्वीकार कर दिया।

विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

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