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सुप्रीम कोर्ट

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण दिल्ली के लक्ज़री होटलों की कीमतें आसमान छू गईं

India Today के अनुसार · 24x7 NYAYA
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण दिल्ली के लक्ज़री होटलों की कीमतें आसमान छू गईं
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

12‑13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी में दिल्ली के प्रमुख लक्ज़री होटलों में कमरों की उपलब्धता बहुत घट गई है। ताज महल होटल सहित कई प्रतिष्ठित संपत्तियां पूरी तरह बुक हैं और कमरे की रात्री दर सामान्य लगभग उन्नीस हजार रुपये से बढ़कर दो लाख रुपये तक पहुंच गई है। विदेशी प्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों की बढ़ती माँग ने होटल बाजार में अभूतपूर्व मूल्य वृद्धि कर दी है।

अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।

आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

कानून

राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए तैयारियाँ तेज़

राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए तैयारियाँ तेज़

सरायकेला में 12 सितंबर को होने वाली वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने 8 सितंबर को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों के साथ चर्चा की। बैठक में कार्यक्रम की तैयारी और मीडिएशन फॉर द नेशन 3.0 अभियान को आगे बढ़ाने के कदमों पर विचार किया गया।

आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने उठाया सवाल‑ क्या मौजूदा क़ानून से पति‑पत्नी के यौन दुरुपयोग पर केस चल सकता है?

वक्तव्य में केंद्र सरकार ने कहा कि मैरिटल रेप को अलग अपराध बनाने का अधिकार संसद और कार्यपालिका का है, न कि न्यायपालिका का। न्यायिक बेंच ने यह जाँचने को कहा कि वर्तमान क़ानून में बनी ‘मैरेटल रेप छूट’ के तहत पति पर बलात्कार का मुकदमा चलाया जा सकता है या नहीं, और अंतिम सुनवाई तीन हफ़्ते बाद होगी।

अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

मुकदमे

500 सर्वर त्रुटि: पुनः प्रयास करें

सर्वर ने त्रुटि कोड 500 लौटाया है। यह एक सामान्य सर्वर त्रुटि है। कृपया कुछ समय बाद फिर से प्रयास करें।

अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।

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