यूजीसी ने उच्च शिक्षण में दिव्यांगजन अधिकार कानून के अनुपालन पर रिपोर्ट मांगी

सामाजिक न्याय मंत्रालय ने दस वर्ष पूर्व प्रचलित दिव्यांगजन अधिकार (आरपीडब्लूडी) अधिनियम के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले और रोजगार में आरक्षण के पालन की जाँच शुरू की है। इस पहल के अंतर्गत यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को 30 सितंबर तक दाखिले, नौकरियों और दिव्यांग छात्रों के प्रतिशत का विस्तृत ब्यौरा देने के लिए निर्देशित किया है। रिपोर्ट से पता चलेगा कि 5 % सीटें और 4 % पदों के आरक्षण के बावजूद कानून का वास्तविक अनुपालन कैसा है।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।
कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।
पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

