सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया: निरस्त नियमों के तहत प्रोमोशन का अधिकार नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने तय किया कि यदि कोई पद पूर्व नियमों के तहत बना है और वे नियम बाद में निरस्त कर दिए गए हैं, तो उस पद के लिए कर्मचारी को कोई अधिग्रहित अधिकार नहीं मिलता। यह निर्णय BSNL के कर्मचारियों के खिलाफ़ लिया गया जिसमें उन्हें पुराने नियमों के तहत प्रोमोशन का दावा किया गया था, लेकिन न्यायालय ने नया नियम लागू करने का निर्णय दिया।
पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।
अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।

