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सुप्रीम कोर्ट कपिल सिब्बल की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत

सुप्रीम कोर्ट ने कपिल सिब्बल की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई, जिसमें 10वीं अनुसूची की व्याख्या पर सवाल उठाए गए हैं.

22 जुलाई 2026 को 02:14 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट कपिल सिब्बल की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत

सौजन्य से:- ETV Bharat

सुप्रीम कोर्ट 10वीं अनुसूची की व्याख्या संबंधी कपिल सिब्बल की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत

सिब्बल ने अपनी याचिका को तुरंत लिस्ट करने और सुनवाई की मांग की. इस पर पीठ 27 जुलाई को सुनवाई के लिए सहमत हो गई.

By Sumit Saxena

Published : July 22, 2026 at 5:58 PM IST

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने संविधान की दसवीं अनुसूची की व्याख्या पर पुनर्विचार का अनुरोध करने संबंधी वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की याचिका को 27 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर बुधवार को सहमति जताई.

दसवीं अनुसूची के तहत विधायक और सांसद किसी अन्य राजनीतिक दल में विलय का दावा करके दल-बदल रोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराए जाने से बच सकते हैं. कपिल सिब्बल ने सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची एवं जस्टिस वी. मोहना की पीठ से कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत क्षमता से याचिका दायर की है और इसे तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए.

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, ‘‘मैंने स्वयं याचिका दायर की है. यह इस सवाल से जुड़ी है कि क्या संसद की संरचना उस तरीके से बदल सकती है, जैसा इस देश में हो रहा है और इस संदर्भ में दसवीं अनुसूची के अनुच्छेद चार की व्याख्या किस प्रकार की जानी चाहिए.’’

अपनी याचिका में सिब्बल ने दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 4 की संवैधानिक व्याख्या पर सवाल उठाया, जो राजनीतिक दलों के विलय से संबंधित है.

यह याचिका हाल ही में हुए कई राजनीतिक दलबदल और विपक्षी पार्टियों के विधायकों के मर्जर के बैकग्राउंड में पेश की गई थी. इस बीच, सुप्रीम कोर्ट की एक और पीठ ने आज शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता अरविंद गणपत सावंत की याचिका पर नोटिस जारी किया. सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें उन्होंने एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के मर्जर को मान्यता दी थी.

ये भी पढ़ें- CJI बोले- 'समय बर्बाद मत कीजिए', प्रदर्शनकारियों की पिटाई के मुद्दे पर जल्द सुनवाई से इनकार

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