लोक अदालत में 167 मामलों का सुलह-समझौते से निपटारा, 16.8 लाख रुपये का हुआ सेटलमेंट
मेदिनीनगर में आयोजित मासिक लोक अदालत में कुल 167 मामलों का निस्तारण किया गया और 16.8 लाख रुपये का सेटलमेंट हुआ। लोक अदालत का उद्देश्य विवादों का त्वरित और सस्ता समाधान उपलब्ध कराना है।

सौजन्य से:- Hindustan
मासिक लोक अदालत में 167 मामलों का निस्तारण
मेदिनीनगर में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के मार्गदर्शन में शनिवार को मासिक लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस लोक अदालत में कुल 167 मामलों का निस्तारण किया गया और 16.8 लाख रुपये का सेटलमेंट किया गया। लोक अदालत का उद्देश्य विवादों का त्वरित और सस्ता समाधान उपलब्ध कराना है।
मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश तथा पलामू जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीराम शर्मा के मार्गदर्शन में शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में मासिक लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर कुल 167 मामलों का निस्तारण किया गया। साथ ही 16 लाख 80 हजार 650 रुपये के मामलों का सेटलमेंट हुआ। लोक अदालत के लिए कुल 10 पीठों का गठन किया गया था। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन ने बताया कुटुंब न्यायालय की पीठ में दो पारिवारिक मामलों का निपटारा हुआ, जबकि सीजेएम की पीठ में 27 आपराधिक मामलों का निष्पादन किया गया।
उत्पाद विभाग के 15 मामलों से एक लाख 17 हजार 750 रुपये तथा वन विभाग के पांच मामलों से 88 हजार रुपये राजस्व प्राप्त हुआ। रेलवे न्यायालय की पीठ में 50 मामलों का निस्तारण कर सात हजार 150 रुपये का राजस्व वसूल किया गया। सदर एसडीएम की अध्यक्षता वाली भूमि एवं राजस्व पीठ में 65 मामलों का निष्पादन हुआ। चेक बाउंस से संबंधित तीन मामलों का भी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति से विवादों का त्वरित, सस्ता और सरल समाधान उपलब्ध कराना है। इस व्यवस्था से न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है और पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिलता है। उल्लेखनीय है कि लोक अदालत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। न्यायालय परिसर में एक हेल्प डेस्क भी बनाया गया था, जहां पीएलवी कृपा शंकर दुबे ने पक्षकारों को आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई।
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ओडिशा हाईकोर्ट जस्टिस का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा

चौथाई हाई कोर्टों में नहीं है नियमित चीफ जस्टिस, कॉलेजियम ने दी 4 न्यायिक नियुक्तियों की सिफारिश

ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य
ताज़ा ख़बरें
- ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
- बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान
- एनजीटी को निकोबार परियोजना रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए: ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक से पहले कांग्रेस - द ट्रिब्यून
- भारत: बॉम्बे हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश घुगे को कलकत्ता हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव
- जस्टिस रवींद्र वी घुगे अब कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होंगे
- चार हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस, नोमिनेटेड किन्हें?
- सुप्रीम कोर्ट में बड़ी दिशा चुनौतीपूर्ण बदलाव, चार जजों का हाईकोर्ट का संभावित सामना: जानिए क्या है कॉलेजियम की सिफारिश
- मद्रास उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ी, 15 नए न्यायाधीशों ने ली शपथ

