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लोक अदालत की झंझट भी खत्म! दिल्ली में अगर पेडिंग हैं गाड़ी का चालान तो बहुत बड़ा मौका, सुलझेंगे 2 करोड़ लंबित मामले

अगर दिल्ली में आपकी गाड़ी पर ट्रैफिक चालान पेडिंग है तो जल्द ही आपको एक बड़ी राहत मिल सकती है। अब दिल्ली में ऐसे 2 करोड़ चालान का निपटारा करने के लिए एसडीएम को चालान जमा करने की शक्ति देने की तैयारी चल रही है। नई दिल्लीः…

25 अगस्त 2026 को 04:56 am बजे
लोक अदालत की झंझट भी खत्म! दिल्ली में अगर पेडिंग हैं गाड़ी का चालान तो बहुत बड़ा मौका, सुलझेंगे 2 करोड़ लंबित मामले

सौजन्य से:- Navbharat Times

अगर दिल्ली में आपकी गाड़ी पर ट्रैफिक चालान पेडिंग है तो जल्द ही आपको एक बड़ी राहत मिल सकती है। अब दिल्ली में ऐसे 2 करोड़ चालान का निपटारा करने के लिए एसडीएम को चालान जमा करने की शक्ति देने की तैयारी चल रही है।

नई दिल्लीः राजधानी की सड़कों पर गाड़ी चलाते हुए चालान कट गया, तो अब उसे जमा कराने के लिए ई-कोर्ट या लोक अदालत का चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है। दिल्ली सरकार दो करोड़ से अधिक पेंडिंग चालान जमा करने की व्यवस्था को घर के करीब ले जाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए 13 जिले के सभी 39 SDM को चालान जमा करने की शक्ति देने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।

विशेष पोर्टल भी तैयार

सूत्रों के मुताबिक, सभी 39 SDM के अलावा परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी चालान जमा करने की शक्ति मिल सकती है। प्रस्ताव के मुताबिक कोई भी गाड़ी मालिक सीधे SDM ऑफिस में जाकर अपना चालान जमा करा पाएंगे। इसके लिए एक विशेष पोर्टल भी तैयार किया जाएगा, जिसे दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल से जोड़ा जाएगा। चालान जमा कराने के लिए SDM को अलग लॉगिन ID और पासवर्ड दिया जाएगा। बता दें कि दिल्ली में हर साल 80% चालान पेंडिंग रह जाते हैं।

जमा होते ही पोर्टल से हटेगा

चालान जमा होते ही ट्रैफिक पुलिस के सिस्टम में अपडेट हो जाएगा और पोर्टल से हटा दिया जाएगा। सरकार को SDM ऑफिस को चालान जमा करने की शक्ति देने के लिए मोटर वीइकल एक्ट में बदलाव करना होगा। प्रस्तावित संशोधन को दिल्ली विधानसभा से मंजूरी मिलने के बाद छह महीने की निर्धारित अवधि में लागू करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। फिलहाल यह प्रस्ताव कैबिनेट के पास है।

लेखक के बारे मेंबृजेश सिंहबृजेश सिंह, नवभारत टाइम्स, दिल्ली में विशेष संवाददाता हैं। वह 2008 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स संस्थान से जुड़े हैं। वह, दिल्ली में मुख्यमंत्री ऑफिस, दिल्ली सरकार की नीतियों, प्रशासनिक फेरबदल व मध्यमवर्ग से जुड़ी योजनाओं पर खबरों के साथ विश्लेषण करते हैं। इसके अलावा दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मेट्रो, डीटीसी ऑटो-टैक्सी व राजनीतिक खबरों व हलचल पर भी नजर रखते है।... और पढ़ें

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