223 मामलों का हुआ निपटारा, चेक बाउंस के 5 करोड़ रुपये समझौता
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस मामलों के निष्पादन के लिए आयोजित की गई अदालत में कुल 223 मामलों का निपटारा हुआ। इसमें दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया और कुल 5 करोड़ 14 लाख रुपये का समझौता राशि तय की गई।

सौजन्य से:- Hindustan
विशेष लोक अदालत में 223 मामलों का हुआ निपटारा
- चेक बाउंस मामलों के निष्पादन को लगी विशेष लोक अदालत - गठित किए
मुजफ्फरपुर, हिप्र। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में चेक बाउंस मामलों का आपसी सहमति से निष्पादन को लेकर विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्वेता कुमारी सिंह ने किया। मौके पर सभी न्यायिक अधिकारी व जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव तेज कुमार प्रसाद मौजूद थे। चेक बाउंस मामलों के निष्पादन के लिए विशेष लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों के तीन बेंच गठित किए गए थे। इन बेंचों में आपसी सहमति से कुल 223 मामलों का निष्पादन किया गया। इसमें कुल पांच करोड़ 14 लाख, पांच हजार 498 रुपये समझौता राशि तय की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत के सुचारू संचालन को लेकर सचिव तेज कुमार प्रसाद ने सभी बेंचों का निरीक्षण किया。
चैपमैन स्कूल के पूर्व प्राचार्य के मामले का निष्पादन :
चैपमैन बालिका उच्च विद्यालय के पूर्व प्राचार्य मझौलिया आदर्श नगर निवासी मदन कुमार चौधरी ने कर्ज में दिए गए रुपये के बदले मिले चेक के बाउंस होने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में चार दिसंबर 2024 को परिवाद दाखिल किया था। इसमें बीबीगंज के चित्रकूट नगर निवासी प्रत्युष को आरोपित बनाया था। आरोप लगाया था कि प्रत्युष ने जुलाई 2024 में चार लाख रुपया कर्ज लिया। इसके बदले उसने 20 अगस्त 2024 को चेक दिया। 22 अगस्त 2024 को बैंक में जमा करने पर वह बाउंस हो गया। वकालतन नोटिस का उसने कोई उत्तर नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में परिवाद दाखिल किया। दोनों पक्ष शनिवार को विशेष लोक अदालत के समक्ष उपस्थित हुए और आपसी सहमति से सुलह-समझौता पर सहमत हो गए। इसके बाद मामले का निष्पादन कर दिया गया।
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