औरैया में राष्ट्रीय लोक अदालत ने 23,806 वादों का निपटारा, करोड़ों की राहत
औरैया जिले में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक ही दिन में 23,806 मामलों को सुलह‑समझौते के जरिए निपटाया। कुल 2.19 लाख रुपये का अर्थदंड वसूला गया और लगभग 3 करोड़ रुपये का प्रतिकर पीड़ितों को दिया गया, जिसमें एमएसीटी न्यायालय के 77 क्लेम शामिल हैं। राजस्व, परिवहन, स्वास्थ्य और बैंकिंग जैसे विभिन्न विभागों ने भी बड़ी संख्या में वादों का निस्तारण किया।

सौजन्य से:- ETV Bharat
राष्ट्रीय लोक अदालत में 23,806 वादों का निस्तारण में करोड़ों रुपये के मामलों का समाधान
एमएसीटी न्यायालय में 77 क्लेम तय करते हुए पीड़ितों को करीब 2.97 करोड़ रुपये का प्रतिकर दिलाया गया.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 13, 2026 at 12:58 PM IST
औरैया: जिले में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 23,806 वादों का निस्तारण किया गया. जनपद न्यायालय, बाह्य न्यायालय बिधूना, राजस्व न्यायालयों और विभिन्न विभागों में आयोजित लोक अदालत का शुभारंभ इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति एवं सत्र् संभाग औरैया के प्रशासनिक न्यायाधीश अरुण कुमार ने किया.
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई. इस दौरान प्रशासनिक न्यायमूर्ति अरुण कुमार ने कहा कि हर व्यक्ति को समान रूप से न्याय मिलना चाहिए और न्याय घर-घर तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को सुलह-समझौते के आधार पर अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं.
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 23,806 वादों का निस्तारण हुआ है, जिसमें 2,19,260 रुपये अर्थदंड की वसूली की गई, जबकि 3,04,04,039 रुपये का प्रतिकर प्रदान किया गया. एमएसीटी न्यायालय में 77 क्लेम तय करते हुए पीड़ितों को करीब 2.97 करोड़ रुपये का प्रतिकर दिलाया गया. परिवार न्यायालय में 57 मामलों का निस्तारण हुआ.
सबसे अधिक मामलों का निस्तारण राजस्व विभाग ने किया है, जहां 10,908 वाद निस्तारित किए गए हैं. परिवहन विभाग में 2,040 नगर पालिका और नगर पंचायतों में 846, स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 515 प्री-लिटिगेशन मामले और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में 4,725 वादों का निस्तारण हुआ है.
बता दें कि न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 1,025, विद्युत अधिनियम के 572, न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 426 और सिविल जज बिधूना न्यायालय में 415 वाद निस्तारित हुए हैं.
बैंकों ने 265 मामलों का निस्तारण करते हुए 2,60,09,728 रुपये की ऋण वसूली की, वहीं बीएसएनएल के 176 मामलों का भी निस्तारण हुआ है. इससे पहले 9, 10 और 11 सितंबर को आयोजित विशेष लोक अदालत में 80 मामलों का निस्तारण हुआ था. अधिकारियों के मुताबिक इस बार पिछली राष्ट्रीय लोक अदालत की तुलना में अधिक मामलों का निस्तारण हुआ है. ये अब तक जिले में लोक अदालत का अच्छा प्रदर्शन माना जा रहा है.
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