कौशांबी में राष्ट्रीय लोक अदालत ने 28,000 मामलों का निपटारा, लक्ष्य 35,000
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 35,000 मामलों के निपटारे का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें अब तक 28,000 मामलों का निपटारा हो चुका है। शेष मामलों को भी सहमति‑समझौते के आधार पर जल्द निपटाने की कोशिश जारी है। इस दौरान जेलियों द्वारा बनाये गए हस्तनिर्मित सामानों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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कौशांबी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन:28 हजार मामलों का निपटारा, 35 हजार मामलों का था लक्ष्य; वादकारियों को मिली राहत
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कौशांबी जिला न्यायालय परिसर में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला जज के आदेश पर हुई इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोगों ने इस लोक अदालत का फायदा उठाया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में करीब 35 हजार मामलों के निपटारे का लक्ष्य रखा गया था। इसमें से अब तक लगभग 28 हजार मामलों का निपटारा किया जा चुका है। बाकी मामलों को भी निपटाने की कोशिश की जा रही है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रिया सिंह ने बताया कि लोक अदालत में 35 हजार मामलों के निपटारे का लक्ष्य था, जिसमें से 28 हजार मामले निपटाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बचे हुए मामलों को भी ज्यादा से ज्यादा संख्या में निपटाने का प्रयास जारी है।
लोक अदालत में आपसी सहमति और समझौते से मामलों के निपटारे से पक्षकारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलती है। न्यायालय और संबंधित विभाग लंबित मामलों को जल्दी निपटाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं।
इसके साथ ही, न्यायालय परिसर में 'लोकल फॉर वोकल' की तर्ज पर हस्तनिर्मित सामानों की बिक्री के लिए एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस दौरान जिला जेल में बंद बंदियों के हाथों से बनी चीजें जैसे गाय के गोबर से बनी धूपबत्ती, गायों को बारिश से बचाने के लिए काऊ रेनकोट और हाथ से बनी तस्वीरें खास आकर्षण का केंद्र रहीं।
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