'जो मां का वही बच्चे का धर्म', 28 अगस्त से महाराष्ट्र में फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट
'जो मां का वही बच्चे का धर्म', 28 अगस्त से महाराष्ट्र में फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट Maharashtra Freedom of Religion Act: शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने कहा कि हम महाराष्ट्र की बेटियों को सुरक्षित रखने का कानूनी अभियान शुरू क…

सौजन्य से:- ABP News
'जो मां का वही बच्चे का धर्म', 28 अगस्त से महाराष्ट्र में फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट
Maharashtra Freedom of Religion Act: शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने कहा कि हम महाराष्ट्र की बेटियों को सुरक्षित रखने का कानूनी अभियान शुरू कर रहे हैं.
महाराष्ट्र फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट 28 अगस्त 2026 रक्षाबंधन से लागू होगा. इसके लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया. इस पर शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने कहा कि जबरदस्ती धर्मांतरण करने, लोभ-लालच देकर लोगों के धर्म बदलने का छुपा हुआ अभियान सालों से देश में चल रहा है. इस पर रोक लगाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने धार्मिक स्वतंत्रता कानून बनाया. उन्होंने कहा कि इस कानून का बड़ा हिस्सा 'लव जिहाद' के खिलाफ है.
फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट की बड़ी बातें
- शादी के नाम पर गैर-कानूनी धर्मांतरण पर सात साल तक की सजा, एक लाख रुपये तक का जुर्मान
- नाबालिग, एसी-एसटी समुदाय और महिलाओं के गैर कानूनी धर्मांतरण पर सात साल तक की सजा, पांच लाख रुपये तक का जुर्माना
- सामूहिक अवैध धर्मांतरण पर सात साल तक की सजा, 5 लाख का जुर्माना
- दोबारा संलिप्त पाए जाने पर 10 साल तक की सजा, 5 लाख रुपये का जुर्माना
शिवसेना नेता ने कहा कि महाराष्ट्र की लाडली बहनों को बहुत बड़ा तोहफा मिला है. इस कानून सेकोई जोर जबरदस्ती से शादी नहीं कर पाएगा. कोई भी लव जिहाद नहीं कर पायेगा. जिहादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
संजय निरुपम ने कहा, "लव जिहाद के नाम पर मुस्लिम लड़के जिस प्रकार से बहलाकर-फुसलाकर शादी करते हैं और उनका शारीरिक शोषण करते हैं, उनसे बच्चे पैदा करते हैं और उसके बाद उनको छोड़ देते हैं. ऐसे में वो बच्ची बेसहारा हो जाती है. ऐसे हिंदू बच्चियों के साथ कोई बहलाकर-फुसलाकर शादी न करे, लव जिहाद न हो और अगर कोई शादी करे और उसका अलगाव हो जाए तो बच्ची का मूल धर्म बरकरार रहे और उस बच्ची से जो बच्चे पैदा हों उसका भी धर्म मां की धर्म के अनुसार बरकरार रहे, इस प्रकार की व्यवस्था की गई है. महाराष्ट्र की बेटियों को सुरक्षित रखने का हम कानूनी अभियान शुरू कर रहे हैं. मैं महाराष्ट्र की तमाम लाडली बहनों को बहुत बहुत बधाई देना चाहूंगा.
'दारू पीकर आता था प्रिंसिपल', दीपके की चेतावनी के बाद सस्पेंड
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
हा तिन्ह द्वारा प्रांतीय कानून प्रसार में डिजिटल क्रांतिकारी कदम

सीबीआई विशेष अदालत में नेटवर्क व्यवधान, कार्यवाही एक महीने से रुकाव में

गाजियाबाद में दिव्यांग गवाहों और आरोपी की पहुंच आसान, कोर्ट में व्हीलचेयर व स्ट्रेचर उपलब्ध

बेअदबी रोधी कानून के संशोधन पर मुख्यमंत्री का दृढ़ संदेश

धौलाना तहसील में सवर्ण समुदाय ने यूजीसी नियम और एससी‑एसटी अधिनियम के विरोध में धरना किया

संतग्रंथ सुरक्षा अधिनियम में बदलाव के लिये मुख्यमंत्री मान से हुई सात सदस्यीय तालमेल समिति की मुलाकात

12 दिसंबर को अगली लोक अदालत, ट्रैफिक चालानों की माफी का फिर से मौका

धामी सरकार ने नैनीताल में 1.822 हेक्टेयर जमीन को भू‑कानून के तहत राज्य में निहित किया
ताज़ा ख़बरें
- डिजिटल युग में संशोधित डाक अधिनियम: पोस्ट‑ऑडिट व डेटा ट्रेसिंग को सुदृढ़ करना
- डिजिटल अर्थव्यवस्था के चलते डाक कानून में आए परिवर्तन: नई परिभाषाएँ और डिजिटल लॉजिस्टिक्स
- कठुआ में विशेष लोक अदालत ने 3 एमएसीटी मामलों को 10.75 लाख रुपये में निपटाया
- स्थाई लोक अदालत: शीघ्र न्याय के लिए नई पहल, बताई नीतू जोशी की दृष्टि
- मांडर में 60‑दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान: मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी
- गुयेन ट्राई सेकेंडरी स्कूल में पुलिस ने 532 छात्रों को सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण दिया
- नसीराबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी पर चर्चा
- 26 सितंबर 2026 धनु राशिफल: बहस से बचें, नियम-आधारित सफलता

