सुप्रीम कोर्ट में हंगामे के आरोपी छात्रों को न्यायिक हिरासत
सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने और न्यायाधीशों पर फाइल फेंकने के आरोप में दो कानून छात्रों को 29 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने यह आदेश दिया है, जिसमें आरोपितों पर सुरक्षाकर्मियों से अभद्रता करने का भी आरोप है।

सौजन्य से:- Jagran
सुप्रीम कोर्ट में हंगामा पड़ा भारी... जजों पर फाइल फेंकने वाले लॉ छात्रों को 29 जुलाई तक न्यायिक हिरासत
सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने और सुरक्षाकर्मियों से अभद्रता करने के आरोप में गिरफ्तार दो कानून छात्रों प्रबल प्रताप सिंह और चंदर भान को पटियाला हाउस क ...और पढ़ें
HighLights
- दो कानून छात्र सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने पर गिरफ्तार।
- पटियाला हाउस कोर्ट ने 29 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा।
- न्यायाधीशों पर फाइलें फेंकने और सुरक्षाकर्मियों से अभद्रता का आरोप।
जागरण संवददाता, नई दिल्ली। पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान हंगामा करने, न्यायाधीशों के समक्ष फाइलें फेंकने और सुरक्षा कर्मियों के साथ अभद्रता करने के मामले में गिरफ्तार दो कानून छात्रों प्रबल प्रताप सिंह और चंदर भान को कोर्ट ने 29 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
क्या है मामला?
दोनों आरोपितों की दो दिन की पुलिस रिमांड समाप्त होने पर उन्हें अदालत में पेश किया गया था। कोर्ट ने दोनों आरोपितों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। दिल्ली पुलिस ने दोनों को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारियों के काम में रुकावट पैदा करने, सुरक्षा कर्मियों से धक्कामुक्की और अन्य संबंधित धाराओं में गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपित उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और वर्तमान में कानून की पढ़ाई कर रहे हैं।
यह घटना उस समय हुई थी जब सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने अदालत के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, न्यायाधीशों से अभद्र तरीके से बात की और पीठ की ओर केस की फाइल फेंक दी। इसके बाद अदालत कक्ष में मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उसे काबू कर लिया।
अदालत की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित
घटना के दौरान अदालत की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हुई। बाद में दिल्ली पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए प्रबल प्रताप सिंह और चंदर भान को गिरफ्तार किया था। पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद अब दोनों को 29 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लिया, लेकिन संस्थान की गरिमा को ध्यान में रखते हुए इस मामले में अलग से कोई दंडात्मक कार्रवाई शुरू नहीं करने का निर्णय लिया। हालांकि, दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज आपराधिक मामले की जांच जारी है।
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