होम›मुकदमे›महिलाओं को मिला 30% आरक्षण: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
मुकदमे

महिलाओं को मिला 30% आरक्षण: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुल्तानपुर बार एसोसिएशन के चुनाव में महिलाओं को 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने का आदेश दिया है, जो सभी पदों पर लागू होगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यह आरक्षण केवल कुछ चुनिंदा पदों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी पदों में 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना होगा।

11 अगस्त 2026 को 04:56 pm बजे
महिलाओं को मिला 30% आरक्षण: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Uttar pradesh

- Lucknow

- Sultanpur Bar Election | Allahabad High Court Mandates Women Reservation

सुल्तानपुर बार चुनाव में महिलाओं को 30% आरक्षण:हाईकोर्ट ने सभी पदों पर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का दिया आदेश

- कॉपी लिंक

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सुल्तानपुर बार एसोसिएशन के चुनाव में महिलाओं को 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यह आरक्षण केवल कुछ चुनिंदा पदों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी पदों में 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना होगा।

यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजिव शुक्ल की पीठ ने सुल्तानपुर बार एसोसिएशन की सदस्य शशि मिश्रा की जनहित याचिका पर दिया। न्यायालय ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत बार एसोसिएशनों की कार्यकारिणी और गवर्निंग काउंसिल में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व अनिवार्य है।

न्यायालय ने सुल्तानपुर बार एसोसिएशन के प्रस्तावित उपनियमों को अपर्याप्त माना। कोर्ट ने कहा कि केवल कोषाध्यक्ष और कुछ गवर्निंग काउंसिल पदों को महिलाओं के लिए आरक्षित करना सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप नहीं था।

महिलाओं के पद आरक्षित करने के निर्देश

न्यायालय ने मौजूदा चुनाव में एक संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष, महासचिव और एक उपाध्यक्ष का पद महिलाओं के लिए आरक्षित करने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और अध्यक्ष का पद वर्ष 2027 के चुनाव में महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा। इन पदों पर हर तीसरे वर्ष रोटेशन के आधार पर महिला आरक्षण लागू रहेगा।

इन निर्देशों के कारण, पहले से घोषित चुनाव कार्यक्रम को स्थगित कर नए सिरे से नामांकन कराना होगा। रिटर्निंग ऑफिसर या चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार समिति को आदेश के अनुसार चुनाव कार्यक्रम फिर से जारी करना होगा। न्यायालय ने 13 अगस्त को नया चुनाव कार्यक्रम पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरक्षित पद पर महिला का निर्वाचन नहीं होता या पद खाली रह जाता है, तो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार संबंधित प्रशासनिक न्यायाधीश या जिला न्यायाधीश एक महिला सदस्य को नामित कर सकते हैं।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
ECI के दावे पर संदेह: क्या सुप्रीम कोर्ट ने नया फॉर्म‑6 घोषणा मंज़ूर किया?
मुकदमे

ECI के दावे पर संदेह: क्या सुप्रीम कोर्ट ने नया फॉर्म‑6 घोषणा मंज़ूर किया?

बबेरू के दूकानदारों को सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, विवाद में मिली राहत
मुकदमे

बबेरू के दूकानदारों को सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, विवाद में मिली राहत

तेलंगाना हाईकोर्ट ने SRSP विस्थापित महिला को कृषि भूमि न मिलने पर सरकार को किया कड़ा सवाल
मुकदमे

तेलंगाना हाईकोर्ट ने SRSP विस्थापित महिला को कृषि भूमि न मिलने पर सरकार को किया कड़ा सवाल

फु क्वोक में छात्र मॉक ट्रायल से कानूनी ज्ञान और सामाजिक कौशल हासिल करते हैं
मुकदमे

फु क्वोक में छात्र मॉक ट्रायल से कानूनी ज्ञान और सामाजिक कौशल हासिल करते हैं

हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी
मुकदमे

हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों को सील‑ध्वस्त करने का आदेश दिया
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों को सील‑ध्वस्त करने का आदेश दिया

हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को चेतावनी: इलाज में देरी नहीं, २५,००० रुपये जुर्माना
मुकदमे

हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को चेतावनी: इलाज में देरी नहीं, २५,००० रुपये जुर्माना

MP उच्च न्यायालय में याचिकाओं से टैक्‍स ऑडिट डेडलाइन पर बढ़े प्रश्न
मुकदमे

MP उच्च न्यायालय में याचिकाओं से टैक्‍स ऑडिट डेडलाइन पर बढ़े प्रश्न

ताज़ा ख़बरें