बिहार लोक अदालत का जबरदस्त प्रदर्शन: 4.01 लाख से अधिक मामलों का निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत ने 2026 में 27.82 लाख मामलों में से 4.01 लाख से अधिक का निपटारा कर 25 % की वृद्धि दर्ज की। 12 सितंबर को ही 12.35 लाख मामलों में 2.21 लाख का समाधान हुआ, और 84,894 ट्रैफ़िक चालान 10.13 करोड़ रुपये के मूल्य के साथ सुलझाए गए। यह अभियान कम लागत और समय में विवादों के समाधान की नई मिसाल पेश करता है।

सौजन्य से:- Jagran
बिहार में राष्ट्रीय लोक अदालत ने बनाया रिकॉर्ड, 4 लाख से अधिक मामलों का हुआ निपटारा
बिहार में राष्ट्रीय लोक अदालत ने विवादों के समाधान में नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जहाँ वर्ष 2026 में 4.01 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया गया।
HighLights
- 4.01 लाख से अधिक मामलों का निपटारा कर बिहार ने रिकॉर्ड बनाया।
- पिछले वर्ष की तुलना में 25% अधिक मामलों का समाधान हुआ।
- 10 करोड़ रुपये से अधिक के ट्रैफिक चालान निपटाए गए।
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार में त्वरित और आपसी सहमति से विवादों के समाधान की दिशा में राष्ट्रीय लोक अदालत ने नया रिकॉर्ड बनाया है।
वर्ष 2026 में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालतों में अब तक 27 लाख 82 हजार 158 मामले सुनवाई के लिए लिए गए, जिनमें से 4 लाख 1 हजार 284 मामलों का निपटारा किया गया।
पिछले वर्ष की राष्ट्रीय लोक अदालतों में 24 लाख 80 हजार 249 मामले लिए गए थे और 3 लाख 20 हजार 870 का निपटारा हुआ था। इस तरह मामलों के निपटारे में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में ही 12 लाख 35 हजार 117 मामले लिए गए, जिनमें 2 लाख 211 मामलों का निपटारा हुआ।
इनमें 1,44,339 प्री-लिटिगेशन और 55,872 न्यायालय में लंबित मामले शामिल हैं। लंबित न्यायालयी मामलों के निपटारे का यह आंकड़ा हाल की राष्ट्रीय लोक अदालतों में सबसे अधिक है।
इससे पहले 9 मई 2026 को 38,653 और 14 मार्च 2026 को 40,524 लंबित मामलों का निपटारा हुआ था। वर्ष 2025 की राष्ट्रीय लोक अदालतों में 13 सितंबर को 40,889, 13 दिसंबर को 37,696, 10 मई को 27,736 और 8 मार्च को 31,382 न्यायालयी मामलों का निपटारा हुआ था।
प्री-लिटिगेशन मामलों में भी बड़ी छलांग
2026 में अब तक 20 लाख 93 हजार 294 प्री-लिटिगेशन मामले लिए गए, जिनमें 2 लाख 66 हजार 235 का निपटारा हुआ। वहीं न्यायालयों में लंबित 6 लाख 88 हजार 864 मामलों में से 1 लाख 35 हजार 49 मामलों का निपटारा किया गया।
10.13 करोड़ रुपये के 84,894 चालान सुलझे
राष्ट्रीय लोक अदालत में 84,894 ट्रैफिक चालान भी निपटाए गए, जिनमें 10 करोड़ 13 लाख 42 हजार 534 रुपये की राशि शामिल है।
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष एवं कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायाधीश सुधीर सिंह के मार्गदर्शन में हुए इस व्यापक अभियान ने मुकदमों के त्वरित निपटारे के साथ अदालतों पर लंबित मामलों का बोझ कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
लोक अदालत के माध्यम से लोगों को कम खर्च और कम समय में आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का अवसर मिला।
यह भी पढ़ें- बिहार में आधी आबादी का खानपान 'लो-रिस्क': 49.3 प्रतिशत लोग ले रहे संतुलित आहार, डाइट स्क्रीनिंग में खुलासा
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