लोक अदालत ने 5.77 लाख राजीनामा योग्य मामले निपटाए
49 खंडपीठों में 5,72,560 प्रकरण रखे गये और 5,77,584 मामले प्री-लिटिगेशन चरण में निपटाए गये। सुनवाई वर्चुअल और फिजिकल दोनों मोड में हुई, जिसमें मोटर दुर्घटना, बैंक वसूली, भूमि अधिग्रहण तथा राजस्व न्यायालय के प्रकरण शामिल थे। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीता यादव ने लोक अदालत का शुभारंभ किया।

सौजन्य से:- bhaskar.com
- Hindi News
- Local
- Chhattisgarh
- Korba
- 5.77 Lakh Compromiseable Cases Settled In Lok Adalat
लोक अदालत में 5.77 लाख राजीनामा योग्य मामले निपटे
- कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज | कोरबा
जिला व तहसील स्तर तक सभी न्यायालयों में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें वर्चुअल व फिजिकल दोनों मोड पर पक्षकारों की सुनवाई हुई। लंबित दांडिक, सिविल, मोटर दुर्घटना, राजस्व न्यायालय के प्रकरण रखे गए। प्री-लिटिगेशन के प्रकरण भी रखे। 49 खंडपीठों में कुल 5 लाख 72 हजार 560 प्रकरण निराकरण के लिए रखे गए।
इनमें 5 लाख 77 हजार 584 मामलों का निराकरण किया गया। निपटाए गए मामलों में 5 लाख 77 हजार 584 मामले प्री-लिटिगेशन चरण के बताए गए। अलग से 5931 मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित थे। इनमें 5,0024 का निराकरण हुआ। राजस्व के 25,497 प्रकरण भी निराकृत किए गए। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीता यादव ने लोक अदालत का शुभारंभ किया।
लोक अदालत में आपराधिक राजीनामा योग्य, मोटर वाहन दुर्घटना दावा के मामले, धारा 138 एनआई एक्ट के चेक से जुड़े मामले, वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद के मामले रखे। बैंक ऋण वसूली वाद, रुपया वसूली वाद, बिजली बिल, टेलीफोन बिल, भूमि अधिग्रहण, राजस्व न्यायालय समेत राजीनामा योग्य अन्य मामले की सुनवाई हुई। जिला न्यायालय परिसर कोरबा में महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों के कैंप लगाए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का हेल्प डेस्क बना। अन्य विभागों के स्टॉल भी लगाए गए। इस मौके पर प्रथम अपर जिला न्यायाधीश गरिमा शर्मा, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा ममता भोजवानी, तृतीय अपर जिला न्यायाधीश सुनील कुमार नन्दे, श्रम न्यायाधीश कोरबा अविनाश तिवारी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) सीमा प्रताप चन्द्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा मयूरा गुप्ता समेत अन्य मौजूद रहे।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
हा तिन्ह द्वारा प्रांतीय कानून प्रसार में डिजिटल क्रांतिकारी कदम

सीबीआई विशेष अदालत में नेटवर्क व्यवधान, कार्यवाही एक महीने से रुकाव में

गाजियाबाद में दिव्यांग गवाहों और आरोपी की पहुंच आसान, कोर्ट में व्हीलचेयर व स्ट्रेचर उपलब्ध

बेअदबी रोधी कानून के संशोधन पर मुख्यमंत्री का दृढ़ संदेश

धौलाना तहसील में सवर्ण समुदाय ने यूजीसी नियम और एससी‑एसटी अधिनियम के विरोध में धरना किया

संतग्रंथ सुरक्षा अधिनियम में बदलाव के लिये मुख्यमंत्री मान से हुई सात सदस्यीय तालमेल समिति की मुलाकात

12 दिसंबर को अगली लोक अदालत, ट्रैफिक चालानों की माफी का फिर से मौका

धामी सरकार ने नैनीताल में 1.822 हेक्टेयर जमीन को भू‑कानून के तहत राज्य में निहित किया
ताज़ा ख़बरें
- डिजिटल युग में संशोधित डाक अधिनियम: पोस्ट‑ऑडिट व डेटा ट्रेसिंग को सुदृढ़ करना
- डिजिटल अर्थव्यवस्था के चलते डाक कानून में आए परिवर्तन: नई परिभाषाएँ और डिजिटल लॉजिस्टिक्स
- कठुआ में विशेष लोक अदालत ने 3 एमएसीटी मामलों को 10.75 लाख रुपये में निपटाया
- स्थाई लोक अदालत: शीघ्र न्याय के लिए नई पहल, बताई नीतू जोशी की दृष्टि
- मांडर में 60‑दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान: मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी
- गुयेन ट्राई सेकेंडरी स्कूल में पुलिस ने 532 छात्रों को सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण दिया
- नसीराबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी पर चर्चा
- 26 सितंबर 2026 धनु राशिफल: बहस से बचें, नियम-आधारित सफलता

