भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टली, शुक्रवार को फिर खसरा नंबर 612 पर होगी नमाज
सुप्रीम कोर्ट में भोजशाला विवाद पर सुनवाई टलने के कारण इस शुक्रवार भी खसरा नंबर 612 पर नमाज अदा की जाएगी। जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण नमाज के लिए सुरक्षा, यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं।

सौजन्य से:- Jagran
भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट में नहीं हुई सुनवाई, शुक्रवार को फिर खसरा नंबर 612 पर होगी नमाज
भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टलने के कारण इस शुक्रवार भी खसरा नंबर 612 पर नमाज अदा की जाएगी। जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण नमाज के लिए सुरक ...और पढ़ें
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट में भोजशाला विवाद पर सुनवाई टली।
- खसरा नंबर 612 पर शुक्रवार को होगी नमाज।
- मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की है याचिका।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद में गुरुवार को भी सुप्रीम कोर्ट में मस्जिद पक्ष की अंतरिम याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। इसके चलते सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व निर्धारित अंतरिम व्यवस्था यथावत रहेगी। शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच भोजशाला के पीछे स्थित खसरा नंबर-612 की भूमि पर नमाज अदा की जाएगी। जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है।
सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था रहेगी लागू
उल्लेखीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई की सुनवाई में मामले को अतिसंवेदनशील बताते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीइ के 15 मई के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इन्कार कर दिया था। इसके साथ ही स्पष्ट किया था कि अंतिम निर्णय तक दोनों पक्षों के अधिकारों को प्रभावित किए बिना विवादित परिसर के निकट खुले स्थान पर शुक्रवार को दोपहर एक से तीन बजे के बीच नमाज की व्यवस्था की जाए। अदालत ने यह भी कहा था कि व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी होगी और अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
इसी आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला के पीछे स्थित खसरा संख्सा- 612 वाली जमीन को नमाज स्थल के रूप में चिह्नित किया। पिछले शुक्रवार को पहली बार इसी स्थान पर नमाज अदा की गई थी।
सुनवाई टली, प्रशासन ने तैयारियां पूरी कीं
गुरुवार को सुनवाई नहीं होने के कारण इस सप्ताह भी वही अंतरिम व्यवस्था प्रभावी रहेगी। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, पहुंच मार्ग, बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की, ताकि शुक्रवार की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
यह भी पढ़ें- भोजशाला में वाग्देवी की वापसी की पहल पर धार में जश्न, मंदिर पक्ष ने नमाज की जगह को लेकर फिर उठाई आपत्ति
हाई कोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
उल्लेखनीय है कि 15 मई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने अपने फैसले में भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना था। इसके बाद मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां 14 जुलाई को अंतरिम आदेश के तहत वैकल्पिक नमाज स्थल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। मामले में अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है।
खबरें और भी
भोजशाला विजय ने कृष्ण जन्मभूमि का रास्ता भी खोला : साध्वी ऋतंभरा
साध्वी ऋतंभरा गुरुवार को भोजशाला पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले मां वाग्देवी के दर्शन-पूजन और आरती की। इसके बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भोजशाला का संघर्ष केवल एक धार्मिक स्थल का नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की विजय का प्रतीक है। भोजशाला की विजय ने कृष्ण जन्मभूमि का रास्ता भी साफ कर दिया है।
साध्वी ने विश्वास जताया कि मां वाग्देवी जल्द ही लंदन से धार आएंगी और भोजशाला आने वाले समय में विश्वभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना होगा और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके साथ ही धारवासियों से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान भी किया।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
बिहार विश्वविद्यालय कानून के विरोध में शिक्षक संघों का प्रदर्शन

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, 16 न्यायाधिकरणों के लिए निगरानी

मानदेय बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी गई लड़ाई

पिछली तारीख से टैक्स की देनदारी सही, लेकिन जुर्माना नहीं: सुप्रीम कोर्ट

बिहार में गुजरात मॉडल की शराबबंदी लागू होनी चाहिए: जीतन राम मांझी

दुर्गा कॉलोनी का दोबारा सर्वे: फरीदाबाद में 234 एकड़ जमीन की होगी जांच, प्लॉटधारकों को राहत की उम्मीद

पिता को अदालत का झटका: बेटी की शिक्षा के लिए जमा पैसा भरण-पोषण में नहीं गिना जा सकता

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिलेगी दुर्गा बिल्डर कॉलोनी के प्लॉटधारकों को राहत
ताज़ा ख़बरें
- ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक 2026: जयराम रमेश ने केंद्र की योजना का किया समर्थन
- मेटा को 567 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर ध्यान देने के लिए
- दोषियों की अपीलों में देरी को माफ करने का मौका, न्यायपालिका ने दी दिशानिर्देश
- JPSC परीक्षा घोटाला: सुप्रीम कोर्ट में याचिका, दोबारा परीक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग
- शासन को आरोप तय करने में लगे 10 साल, अदालत में पहुंचते ही निरस्त
- उत्तर प्रदेश सरकार ने मृत कर्मचारियों के पुत्रों को नौकरी देने का निर्देश दिया
- JPSC परीक्षा का सुप्रीम कोर्ट में विवाद: परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग
- बच्चों की शिक्षा पर भार : शिक्षक भर्ती के लंबित मुकदमों के लिए स्पेशल कोर्ट, संघ ने दी मांग

