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रायबरेली में राष्ट्रीय लोक अदालत ने 1.98 लाख वादों का निपटारा, 21.66 करोड़ से अधिक राशि पर समझौता

रायबरेली में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,98,228 वादों का निस्तारण हुआ और 21 करोड़ 66 लाख रुपये से अधिक के समझौते हुए। यह पहल लंबित मामलों को शीघ्र सुलह‑समझौते के आधार पर निपटाने और वादकारियों को सरल न्याय पहुँचाने के उद्देश्य से की गई। अदालत में ई‑चालान, चेक बाउंस और वैवाहिक विवाद सहित विभिन्न प्रकार के मामलों का समाधान भी हुआ।

12 सितंबर 2026 को 08:04 pm बजे
रायबरेली में राष्ट्रीय लोक अदालत ने 1.98 लाख वादों का निपटारा, 21.66 करोड़ से अधिक राशि पर समझौता

सौजन्य से:- Hindustan

राष्ट्रीय लोक अदालत में एक लाख 98 हजार मामलों का किया गया निस्तारण

रायबरेली में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अदालत में 1,98,228 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 21 करोड़ 66 लाख रुपये से अधिक की धनराशि का समझौता हुआ। लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर सरल न्याय उपलब्ध कराना है।

रायबरेली। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जनपद न्यायालय रायबरेली में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश अमित पाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में कुल 1,98,228 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें हुए समझौतों की कुल धनराशि 21 करोड़ 66 लाख 19 हजार 650 रुपये से अधिक रही। लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर शीघ्र निस्तारण कर वादकारियों को सरल और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनिशा के अनुसार बैंकों और वित्तीय कंपनियों के प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निस्तारण कराया गया और पक्षकारों के बीच मौके पर समझौते कराए गए।

लोक अदालत में ई-चालान, चेक बाउंस (एनआई एक्ट) और वैवाहिक विवादों समेत विभिन्न प्रकृति के मामलों का निस्तारण हुआ। इसके अलावा जिला कारागार में बंदियों द्वारा तैयार सामग्री की प्रदर्शनी, स्वास्थ्य विभाग, दिव्यांगजन विभाग तथा ‘एक जिला, एक उत्पाद’ से संबंधित स्टाल लगाए गए। आमजन की सहायता के लिए न्यायालय परिसर में विभिन्न स्थानों पर सहायता पटल और हेल्प डेस्क भी बनाए गए।आयोजन में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय भूपेन्द्र राय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के चेयरमैन प्रफुल्ल कमल, अपर प्रधान न्यायाधीश सुशील कुमार वर्मा, प्रथम अपर जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार-पंचम, नोडल अधिकारी लोक अदालत एवं विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट प्रतिमा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पवन कुमार सिंह समेत अन्य न्यायिक अधिकारी और विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।

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