दिल्ली दंगों में कपिल मिश्रा का बड़ा आरोप: ताहिर हुसैन सिर्फ एक्टर, दोषी 'डायरेक्टर' तक पहुंचेगा कानून
कपिल मिश्रा ने दिल्ली दंगों के पीछे आम आदमी पार्टी का हाथ बताया और कहा कि ताहिर हुसैन सिर्फ एक एक्टर थे, जबकि असली दोषी डायरेक्टर तक पहुंचेगा कानून। उन्होंने केजरीवाल, सिसोदिया और संजय सिंह पर दंगाइयों का समर्थन करने का आरोप लगाया।

सौजन्य से:- Jagran
AAP पर कपिल मिश्रा का बड़ा हमला; दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन केवल एक्टर, ‘डायरेक्टर’ तक भी पहुंचेगा कानून
कपिल मिश्रा ने दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन को 'एक्टर' बताते हुए कहा कि कानून के हाथ 'डायरेक्टरों' तक भी पहुंचेंगे। उन्होंने केजरीवाल, सिसोदिया और संज ...और पढ़ें
HighLights
- कपिल मिश्रा ने ताहिर हुसैन को दिल्ली दंगों का 'एक्टर' बताया
- कहा, कानून के हाथ 'डायरेक्टरों' तक भी पहुंचेंगे
- केजरीवाल, सिसोदिया, संजय सिंह पर दंगाइयों के समर्थन का आरोप
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार में मंत्री और भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों को लेकर बड़ा बयान देते हुए आम आदमी पार्टी पर हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि दंगों में दोषी ठहराए गए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन केवल 'एक्टर' थे और कानून के हाथ उन 'डायरेक्टरों' तक भी पहुंचेंगे, जिन्होंने पूरी साजिश रची थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों को बंद कर हिंदुओं के नरसंहार की योजना के तहत दंगे कराए गए थे।
केजरीवाल, सिसोदिया और संजय सिंह पर साधा निशाना
कपिल मिश्रा ने दावा किया कि दिल्ली दंगों के दौरान सड़कें बंद करने वालों को तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह का समर्थन मिला था। उन्होंने कहा कि दंगों के पीछे काम करने वाले लोगों की भूमिका भी सामने आएगी और कानून उनके खिलाफ भी कार्रवाई करेगा।
मिश्रा का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य को दोषी ठहराया है। अदालत ने हालांकि ताहिर हुसैन के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप को खारिज कर दिया।
2020 में हुए थे उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें 50 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे।
आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या उस हिंसा से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक रही है। हाल ही में अदालत ने इस मामले में पहली बार हत्या के आरोप में दोषसिद्धि सुनाई है।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी का कहना है कि ताहिर हुसैन को 2020 में ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था और तब से उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है।
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