सीजेपी का आंदोलन शीघ्रता से ख़त्म करने का सवाल
पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहे युवा आंदोलन में सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लेने और समाधान का भरोसा देने के साथ प्रोटेस्ट को शांत करने का प्रयास किया है।

सौजन्य से:- BBC
सीजेपी ने क्या जल्दबाज़ी में प्रोटेस्ट ख़त्म करने का फ़ैसला लिया? - द लेंस
पिछले कुछ हफ़्तों में पेपर लीक के मुद्दे पर युवाओं का बड़ा आंदोलन देखने को मिला, जिसमें छात्रों के साथ अभिभावक, शिक्षक और समाज के दूसरे वर्ग भी जुड़े.
कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा बने.
सरकार ने आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लिया, सुधारों का भरोसा दिया और संसद से एंटी पेपर लीक कानून भी पारित कराया.
हालांकि, बहस अब भी जारी है कि क्या सिर्फ़ कानून कड़ा करने से समस्या ख़त्म होगी या परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और जवाबदेही तय करना ज़रूरी है.
विपक्ष और कई आंदोलनकारी यह भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या आंदोलन समय से पहले ख़त्म कर दिया गया या नहीं.
'द लेंस' के इस एपिसोड में इन्हीं सवालों पर कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा ने सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका, द मोजो स्टोरी की एडिटर बरखा दत्त और द ट्रिब्यून की एसोसिएट एडिटर अदिति टंडन के साथ चर्चा की.
प्रोड्यूसर: मुकुंद झा
वीडियो एडिटर: जमशैद अली ख़ान
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह
कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
डिजिटल तकनीक के माध्यम से कानून को लोगों तक पहुँचाने की चुनौती

बृजभूषण शरण सिंह मामले में अदालत ने क्यों माना आरोप झूठे?

बस्तर में 12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत की तैयारियां की गईं

ट्रांसजेंडर योजना और लोक अदालत के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष कार्यक्रम

मेटा के लिए भारतीय कानून का सख्त निर्देश: सीसीएएम और सिंथेटिक कंटेंट पर कार्रवाई की बातचीत

विदेशी फंडिंग के नए नियमों पर भारत-अमेरिका में बढ़ता तनाव

सीमा सुरक्षा बलों को कानूनी जागरूकता अभियान में शामिल करने के लिए प्रतिनिधि का प्रस्ताव

सिर्फ ग्लोबल पॉलिसी से नहीं, भारतीय कानून से मेटा को भी कैसा पालन?
ताज़ा ख़बरें
- मेटा को भारतीय कानूनों का पालन करना होगा: सरकार
- विदेशी चंदे पर कानून: कब और क्यों बना, कितनी बार बदला?
- सुप्रीम कोर्ट ने बैंक-बिल्डर गठजोड़ पर कसा दांव, क्या है इसका मतलब?
- बाढ़ का कहर जारी, E20 पेट्रोल पर बड़ा अपडेट
- E20 पेट्रोल में मिलावट के दावे की पुष्टि नहीं, तेल कंपनियों की सफाई
- जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज, अदालत ने आरोपी को जेल भेजा
- वियतनाम में कमोडिटी डेरिवेटिव्स के लिए एक केंद्रीकृत और आधुनिक विनियमन
- दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटी का नया कानून, 25% सीटें दिल्ली के छात्रों के लिए होंगी आरक्षित

