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सीजेआई सूर्यकांत की तीखी प्रतिक्रिया: हाई कोर्ट में चार साल से लटकें नियुक्ति केस पर वरिष्ठ वकील का सवाल

सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में उच्च न्यायालय सेवा की चार साल से लंबित नियुक्तियों के मुद्दे को उजागर किया, जिस पर सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा कि उन्हें इस देरी की जानकारी है या नहीं। भूषण ने वैकैंसी, अनुचित इंटरव्यू प्रक्रियाओं और शीघ्र सुनवाई की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि कॉलेजियम ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और जम्मू‑कश्मीर‑लद्दाख के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्तियों की सिफ़ारिश की।

1 सितंबर 2026 को 08:32 am बजे
सीजेआई सूर्यकांत की तीखी प्रतिक्रिया: हाई कोर्ट में चार साल से लटकें नियुक्ति केस पर वरिष्ठ वकील का सवाल

सौजन्य से:- Hindustan

आपको पता भी है कि हाई कोर्ट में केस लटका है? सीनियर वकील से ऐसा क्यों बोल पड़े CJI सूर्यकांत

प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका फाइल कर चार साल से लंबित नियुक्ति के मामले सुप्रीम कोर्ट से दखल की मांग की। इसपर सीजेआई ने पूछा कि उन्हें पता भी है कि हाई कोर्ट में मामला पेंडिंग है?

इलाहाबाद हाई कोर्ट में हायर जूडिशल सर्विस के तहत नियुक्तियों का मामला लेकर सीनियर वकील प्रशांत भूषण सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि यह मामला बहुत छोटा है और हाई कोर्ट में चार साल से लंबित है। अगर सुप्रीम कोर्ट इशारा भर कर दे तो काम बन जाएगा। इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने प्रशंत भूषण से कहा, आपको पता भी है कि हाई कोर्ट में यह मामला लंबित है।

इसपर प्रशांत भूषण ने कहा, मुझे इसके बारे में पूरी जानकारी है। बात यह है कि मामला हायर जूडिशल सर्विसेज से जुड़ा है और इसलिए जल्द से जल्द इसकी सुनवाई होनी चाहिए। सीजेआई ने कहा, हर दिन हम लोगों के पास लगभग चर से पांच ऐसी याचिकाएं होती हैं जो कि इलाहाबाद हाई कोर्ट से संबंधित होती हैं।

प्रशांत भूषण ने कहा, समस्या यह है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में बहुत सारी वैकेंसी हैं। ऐसे ही केस लटके हुए हैं और इसीलिए रिक्तियां हैं।भूषण ने कहा, बताया गया कि इंटरव्यू के नियमों का पालन नहीं किया गया। इंटरव्यू कम से कम 20 से 25 मिनट होना चाहिए था जो कि 4 से 5 मिनट में ही खत्म हो गया। ऐडवोकेट ने कहा, हाई कोर्ट में बहुत सारा वक्त तो केवल मामलों को खारिज करने में चला जाता है. अगर सुप्रीम कोर्ट हल्का सा भी इशारा कर दे तो इस मामले में सुनवाई आगे बढ़ सकती है।

इन राज्यों में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश

भारत के सीजेआई सूर्यकांत नीत सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालयों के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की अनुशंसा की है।कॉलेजियम ने सोमवार को एक बैठक में ये सिफारिशें कीं। कॉलेजियम में प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के अलावा जस्टिस विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना, न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश तथा न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिंह भी शामिल हैं।

जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। राजस्थान हाई कोर्ट के लिए यह सिफारिश ऐसे समय की गई है, जब सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ आरोप लगाए हैं। जस्टिस मेहता ने दो, 10 और 17 अगस्त को प्रधान न्यायाधीश को तीन पत्र लिखे थे, जिनमें उन्होंने राज्य के बाहर से स्थायी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने का आग्रह किया था।

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