सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन बंद: सीजेआई ने दिया अल्टीमेटम, लंच तक समाधान न हुआ तो खुद देंगे दखल
सुप्रीम कोर्ट ने सीजेआई प्रदर्शन के कारण सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के बंद होने पर संज्ञान लिया है और लंच तक solution निकाले जाने का अल्टीमेटम दिया है, वरना सुप्रीम कोर्ट खुद दखल देगा

सौजन्य से:- Jagran
CJP प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन बंद होने से भड़के CJI, कहा- लंच तक नहीं निकला समाधान तो दूंगा दखल
सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के कारण मेट्रो स्टेशन बंद होने पर संज्ञान लिया है। CJI ने DMRC को लंच तक स्टेशन खोलने या कोर्ट के दखल की चेतावन ...और पढ़ें
समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी (CJP) प्रदर्शन के कारण सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के बंद होने पर संज्ञान लिया है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस (CJI) ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि लंच तक मेट्रो स्टेशन नहीं खोला गया, तो सुप्रीम कोर्ट खुद इसमें दखल देगा।
CJP के विरोध-प्रदर्शन के चलते सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए DMRC ने सुप्रीम कोर्ट समेत दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद किया हुआ है।
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के प्रेसिडेंट विकास सिंह ने CJI के सामने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कम से कम वकीलों, केस लड़ने वालों और कोर्ट स्टाफ को, जिनके पास सुप्रीम कोर्ट तक जाने का वैध एक्सेस है, स्टेशन इस्तेमाल करने की इजाजत मिलनी चाहिए।
सिंह ने सुझाव दिया कि जिन लोगों के पास प्रॉक्सिमिटी कार्ड और सुप्रीम कोर्ट एंट्री पास है, उन्हें रजिस्ट्री स्टाफ के साथ सही सिक्योरिटी स्क्रीनिंग के बाद सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलने दिया जाए। मेट्रो में एक एग्जिट पॉइंट होता है, वहां उनकी स्क्रीनिंग की जा सकती है। बाकी लोगों को दूसरी ट्रेन लेकर जाने के लिए कहा जा सकता है।
इस पर CJI ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन को पहले ही मेट्रो अधिकारियों से बात करने को कहा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया, मैंने उन्हें सुबह बताया है। अथॉरिटीज से बात करना उन पर है। वह इसे भी एक सॉल्यूशन के तौर पर देख रहे हैं। लंच टाइम तक अगर कोई सॉल्यूशन निकलता है तो ठीक है। नहीं तो, अगर मेरे दखल की जरूरत पड़ी तो मैं करूंगा।
खबरें और भी
CJI ने यह भी बताया कि उन्होंने एक सर्कुलर जारी किया है कि वकीलों की गैरमौजूदगी की वजह से कोई उल्टा ऑर्डर पास न किया जाए। वहीं विकास सिंह ने कहा कि अगर कोई सॉल्यूशन नहीं निकलता तो इस मामले पर ज्यूडिशियल साइड से विचार किया जाएगा।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ओडिशा हाईकोर्ट जस्टिस का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा

चौथाई हाई कोर्टों में नहीं है नियमित चीफ जस्टिस, कॉलेजियम ने दी 4 न्यायिक नियुक्तियों की सिफारिश

ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य
ताज़ा ख़बरें
- ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
- बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान
- एनजीटी को निकोबार परियोजना रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए: ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक से पहले कांग्रेस - द ट्रिब्यून
- भारत: बॉम्बे हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश घुगे को कलकत्ता हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव
- जस्टिस रवींद्र वी घुगे अब कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होंगे
- चार हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस, नोमिनेटेड किन्हें?
- सुप्रीम कोर्ट में बड़ी दिशा चुनौतीपूर्ण बदलाव, चार जजों का हाईकोर्ट का संभावित सामना: जानिए क्या है कॉलेजियम की सिफारिश
- मद्रास उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ी, 15 नए न्यायाधीशों ने ली शपथ

