सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद डीएमके ने वापस ली याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने डीएमके को फटकार लगाई और पूछा कि अदालत मुख्यमंत्री के दौरे को कैसे नियंत्रित कर सकती है। इसके बाद डीएमके ने याचिका वापस लेने का फैसला किया।

सौजन्य से:- Jansatta
सुप्रीम कोर्ट ने करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की मुलाकात पर सवाल उठाने के लिए डीएमके को फटकार लगाई है।
सुप्रीम कोर्ट ने डीएमके से पूछा कि कोर्ट मुख्यमंत्री के दौरे को कैसे नियंत्रित कर सकती है, भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात को गवाहों को प्रभावित करना कैसे माना जा सकता है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस के. वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने डीएमके से पूछा कि कोर्ट कार्यपालिका के प्रमुख (मुख्यमंत्री) की यात्रा पर कैसे कोई नियम बना सकती है।
सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी के बाद डीएमके ने वापस ली याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने डीएमके से करूर भगदड़ मामले के गवाहों को तमिलनाडु के मंत्रियों द्वारा प्रभावित करने के आरोप वाली याचिका वापस लेने को कहा और ऐसा नहीं करने पर याचिका खारिज करने की चेतावनी दी।
इसके बाद डीएमके ने करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु के मंत्रियों द्वारा गवाहों को प्रभावित करने के आरोप वाली अपनी याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस लेने पर सहमति जताई।
क्या है मामला?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय का भगदड़ के पीड़ित परिवारों से 10 जुलाई को मुलाकात का कार्यक्रम है। डीएमके के सचिव आर. एस. भारती ने इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी।
याचिका में उन्होंने मांग की थी कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, मंत्री आधव अर्जुन और इस मामले के दूसरे आरोपी जांच पूरी होने तक इस मामले पर सार्वजनिक बयान न दें। साथ ही, जब तक सीबीआई की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनके पीड़ित परिवारों से मिलने या संपर्क करने पर भी नियम तय किए जाएं।
इस याचिका में उन मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया गया था, जिनमें कहा गया था कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय करूर जाकर मृतकों के परिजनों और घायलों को सरकारी आदेश, अनुकंपा नियुक्तियां तथा अन्य सरकारी सहायता प्रदान करेंगे।
भारती ने अपनी याचिका में कहा कि इस मामले में जिन लोगों के खिलाफ प्रारंभिक आरोपपत्र दाखिल किया गया था, उनमें से कई वर्ष 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री बन चुके हैं।
यह भी पढ़ें: करूर में टीवीके प्रमुख जोसेफ विजय की रैली में मची थी भगदड़
जब विजय सभा को संबोधित कर रहे थे, उसी दौरान भीड़ बढ़ती गई और बेकाबू हो गई। इस वजह से पार्टी कार्यकर्ता और कुछ बच्चों समेत कई लोग बेहोश होकर गिर पड़े। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
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