फैमिली कोर्ट में तलाक और गुजारा भत्ता की सुनवाई
प्रयागराज में एक फैमिली कोर्ट में तलाक और गुजारा भत्ता को लेकर एक मामले की सुनवाई हुई। पत्नी मानसिक एवं आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही है जिसके कारण वह अपने और बच्चों के भरण-पोषण के लिए मासिक गुजारा भत्ता मांग रहीं हैं।

प्रयागराज में एक फैमिली कोर्ट में तलाक और गुजारा भत्ता को लेकर एक मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता पति ने वैवाहिक संबंधों में लंबे समय से चल रहे मतभेदों का हवाला देते हुए तलाक की मांग की, जबकि पत्नी ने अपने और बच्चों के भरण-पोषण के लिए मासिक गुजारा भत्ता दिए जाने की मांग की।
सूत्र: न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, पत्नी का आरोप है कि वैवाहिक जीवन के दौरान उसे मानसिक एवं आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और पति ने उसकी आवश्यक जरूरतों की अनदेखी की। वहीं पति ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह अपनी क्षमता के अनुसार परिवार की जिम्मेदारियां निभाता रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय कानून में तलाक और भरण-पोषण से जुड़े मामलों में अदालत प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर निर्णय देती है। पत्नी, बच्चों और कुछ परिस्थितियों में पति को भी भरण-पोषण का दावा करने का अधिकार प्राप्त हो सकता है।
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