होमअपराधसुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जज यशवंत वर्मा के खिलाफ याचिका खारिज की, नहीं मानी जांच की मांग
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जज यशवंत वर्मा के खिलाफ याचिका खारिज की, नहीं मानी जांच की मांग

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उनके आवास से मिली जली हुई नकदी के मामले की अदालत की निगरानी में जांच कराने संबंधी याचिका खारिज कर दी।

7 अगस्त 2026 को 04:16 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जज यशवंत वर्मा के खिलाफ याचिका खारिज की, नहीं मानी जांच की मांग

सौजन्य से:- Jagran

'न्यायिक प्रक्रिया को पब्लिसिटी का जरिया न बनाएं ', दिल्ली HC के पूर्व जज यशवंत वर्मा पर FIR से SC का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर और जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का ...और पढ़ें

HighLights

- सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जज यशवंत वर्मा के खिलाफ याचिका खारिज की

- अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करार दिया

- जली हुई नकदी मामले में जांच की मांग की गई थी

पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उनके आवास से मिली जली हुई नकदी के मामले की अदालत की निगरानी में जांच कराने संबंधी याचिका खारिज कर दी।

अदालत ने कहा कि इस तरह की याचिका न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इसे केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से दायर किया गया है।

पहले भी खारिज हो चुकी थी ऐसी याचिका

न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने अधिवक्ता घनश्याम उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इसी प्रकार की याचिका पहले भी खारिज की जा चुकी है।

इस पर याचिकाकर्ता ने दलील दी कि पहले की याचिका तकनीकी आधार पर खारिज हुई थी, जबकि अब उन्होंने मामले में शिकायत दर्ज करा दी है। उनका कहना था कि केवल पद से इस्तीफा देने से बेहिसाब धन के मामले में किसी का आपराधिक दायित्व समाप्त नहीं हो जाता।

पीठ ने दलीलों से जताई असहमति

इस पर न्यायमूर्ति नरसिम्हा ने कहा, आप एक वकील हैं और यह केवल न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है, वह भी सस्ती लोकप्रियता के लिए। हम ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं हैं।

याचिकाकर्ता ने यह भी तर्क दिया कि हाईकोर्ट का न्यायाधीश लोक सेवक की श्रेणी में आता है और अब सेवानिवृत्त हो चुके यशवंत वर्मा के खिलाफ मुकदमा चलाने में कोई कानूनी बाधा नहीं है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों से सहमत होने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।

खबरें और भी

होली की रात सामने आया था मामला

बता दें कि पिछले वर्ष 14 मार्च को होली की रात दिल्ली स्थित यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर आग लगने की घटना के बाद वहां से जली हुई नकदी मिलने का मामला सामने आया था।

इसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर महाभियोग की प्रक्रिया शुरू हुई। इस साल अप्रैल में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। वह दिल्ली हाई कोर्ट में तैनात थे और विवाद बढ़ने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट स्थानांतरित कर दिए गए थे।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई
अपराध

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई
अपराध

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर
अपराध

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
अपराध

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका
अपराध

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
अपराध

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
अपराध

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश

निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा
अपराध

निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा

ताज़ा ख़बरें