होमअपराधसुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका: सोनम को जेल में बिताने पड़ सकते हैं बड़े त्योहार!
अपराध

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका: सोनम को जेल में बिताने पड़ सकते हैं बड़े त्योहार!

सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करते हुए तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है। इसके बाद उन्हें बड़े त्योहार जैसे सावन महीने में जेल में बिताने पड़ सकते हैं।

24 जुलाई 2026 को 12:12 am बजे
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका: सोनम को जेल में बिताने पड़ सकते हैं बड़े त्योहार!

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Mp

- Indore

- Sonam Raghuvanshi Bail Cancelled | Supreme Court Order Judicial Custody

सोनम को जेल में बिताने पड़ सकते हैं बड़े त्योहार:जमानत रद्द होने के बाद बदले हालात, सरेंडर से ट्रायल तक समझें पूरा मामला

- कॉपी लिंक

राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका मिलने के बाद सोनम रघुवंशी की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द करते हुए तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है। साथ ही ट्रायल कोर्ट को छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर फ

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि सोनम कब जेल जाएगी, क्या उसे फिर से जमानत मिल सकती है और क्या इस साल के प्रमुख त्योहार उसे जेल में बिताने पड़ेंगे?

सुप्रीम कोर्ट के 3 बड़े निर्देश

- जमानत रद्द: 23 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सोनम की जमानत याचिका निरस्त कर दी।

- सरेंडर की समय-सीमा: आरोपी को 3 हफ्ते (लगभग 13 अगस्त तक) के भीतर संबंधित अदालत में सरेंडर करने को कहा।

- 6 महीने में ट्रायल का आदेश: निचली अदालत को निर्देश दिया कि मामले की सुनवाई 6 महीने में पूरी कर फैसला सुनाया जाए। यदि इस अवधि में फैसला नहीं आता तो सोनम दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकेगी।

क्या त्योहार जेल में बीत सकते हैं?

यदि सरेंडर के बाद सोनम को नियमित जमानत नहीं मिलती तो इस साल के कई प्रमुख त्योहार वह जेल में ही बिता सकती है। सावन का महीना 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा। इसी दौरान हरियाली तीज, सावन सोमवार और अन्य धार्मिक पर्व पड़ेंगे। सरेंडर की समय-सीमा भी इसी अवधि में समाप्त हो रही है।

अब तक कितने दिन जेल और कितने दिन बाहर रही?

सोनम रघुवंशी 9 जून 2025 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली थी। इसके बाद उसे पुलिस रिमांड और फिर न्यायिक हिरासत में रखा गया। बाद में उसे जमानत मिली थी। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तय समय पर सरेंडर करने पर उसके अगस्त के दूसरे पखवाड़े में दोबारा जेल पहुंचने की संभावना है।

6 महीने में ट्रायल पूरा करने का आदेश क्यों अहम है?

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को छह महीने में सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया है, ताकि मामला लंबे समय तक लंबित न रहे और पीड़ित पक्ष व आरोपी दोनों को समयबद्ध न्याय मिल सके। यदि इस अवधि में फैसला नहीं आता तो सोनम के पास फिर से नियमित जमानत मांगने का कानूनी विकल्प रहेगा।

राजा के परिवार ने फैसले का किया स्वागत

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राजा रघुवंशी के परिवार ने संतोष जताया है। राजा की मां उमा रघुवंशी और भाई विपिन रघुवंशी ने इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि छह महीने के भीतर ट्रायल पूरा होगा और परिवार को न्याय मिलेगा।

------------------------------------------------------------

ये खबरें भी पढ़ें…

सोनम रघुवंशी फिर जेल जाएगी, सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी। कोर्ट ने मेघालय पुलिस की याचिका पर सुनवाई के बाद गुरुवार को फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को तीन हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया है। यानी सोनम को फिर जेल जाना होगा। पूरी खबर पढ़ें

राजा हत्याकांड-सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को सरेंडर की सलाह दी

सुप्रीम कोर्ट ने वारदात के बाद सोनम के व्यवहार और कानूनी तर्कों पर भी सवाल उठाए। अदालत ने पूछा कि गिरफ्तारी के समय कारण नहीं बताए जाने का मुद्दा पहले क्यों नहीं उठाया गया? इस पर सोनम के वकील ने निर्देश लेने के लिए समय मांगा और कहा कि वे गुरुवार तक अपना जवाब दाखिल करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई
अपराध

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई
अपराध

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर
अपराध

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
अपराध

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका
अपराध

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
अपराध

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
अपराध

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश

निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा
अपराध

निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा

ताज़ा ख़बरें