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सुप्रीम कोर्ट में जज को अपशब्द कहने और फाइल फेंकने का मामला

उच्चतम न्यायालय में एक वकील ने जज पर अपशब्द बोले और फाइल फेंकी, सुरक्षा कर्मियों ने वकील को बाहर निकाला, जस्टिस केवी विश्वनाथन ने वकील की हरकत पर हैरानी जताई।

11 जुलाई 2026 को 05:57 am बजे
सुप्रीम कोर्ट में जज को अपशब्द कहने और फाइल फेंकने का मामला

सौजन्य से:- Panchjanya

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय में आज फिर जज पर अपशब्द बोलने और कोर्ट रुम में फाइल फेंके जाने का वाकया हुआ। जस्टिस केवी विश्वनाथन की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच के समक्ष एक याचिकाकर्ता और वकील ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत को अपशब्द बोला और फाइल भी फेंकी। इस वाकये के बाद कोर्ट के आदेश पर सिक्योरिटी ने वकील को तुरंत बाहर निकाल दिया।

उच्चतम न्यायालय में संबंधित मामले की सुनवाई शुरु हुई तो कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आप खुद ही पैरवी करेंगे। इस पर प्रबल ने अंग्रेजी में कहा कि माय ज्यूडीशियल सर्वेंट , मैं तुम्हें आदेश देता हूं कि तुम लखनऊ के एसीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दो। इस पर जस्टिस केवी विश्वनाथन ने हैराना जताते हुए पूछा कि आप मुझे आदेश दे रहे हैं। जवाब में प्रबल प्रताप ने कहा कि मेरी तरफ से बस इतना ही। सब कुछ रिकॉर्ड पर है। इसके बाद उसने चीफ जस्टिस सूर्यकांत को गाली देते हुए केस की फाइल जजों की तरफ हवा में फेंक दी। उसके बाद सिक्योरिटी स्टाफ ने प्रबल प्रताप को पकड़कर कोर्ट रुम से बाहर निकाला।

इस वाकये के बाद जस्टिस केवी विश्वानथन ने कहा कि वो बहुत परेशान है, यह सब उसकी हताशा है। हमें केवल उसके लिए सहानुभूति है। हम उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं। और जहां तक मामले की बात हो, हमें विवादित आदेश में दखल देने का की ठोस आधार नहीं मिला।

यूपी के वकील प्रबल प्रताप ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी। वो इलाहाबाद उच्च न्यायालय से रिट याचिका खारिज होने के बाद उच्चतम न्यायालय पहुंचा था। याचिका में प्रबल प्रताप ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें प्रबल की अर्जी पर पुलिस से जांच कराने की बजाय उसे निजी शिकायत मान लिया गया था।

चीफ जस्टिस गवई की बेंच के सामने फेंका था जूता

उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी 6 अक्टूबर 2025 को कोर्ट रुम में तत्कालीन चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष एक वकील ने जूता फेंकने की कोशिश की थी। 71 वर्षीय वकील राकेश किशोर नामक वकील ने चीफ जस्टिस बीआर गवई पर जूता फेंका था, लेकिन जूता चीफ जस्टिस के पास नहीं पहुंच सका। जब उसने चीफ जस्टिस की तरफ जूता फेंकने की कोशिश की तो कोर्ट रूम में मौजूद दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल ने उसे तुरंत पकड़ लिया। पुलिस जब उसे कोर्ट रूम से ले जा रही थी उसने जोर से बोला “सनातन धर्म का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान।” राकेश किशोर वह चीफ जस्टिस गवई के उस बयान से आहत था जिसमें उन्होंने ने भगवान विष्णु को लेकर टिप्पणी की थी। इस घटना के बाद वकील संगठनों ने इसकी निंदा करते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रदर्शन भी किया था।

(इनपुट- हिंदुस्थान समाचार)

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