होम›कानून›तिब्बती निर्वासित संसद ने जातीय एकता कानून की कड़ी निंदा की
कानून

तिब्बती निर्वासित संसद ने जातीय एकता कानून की कड़ी निंदा की

धर्मशाला में 18वीं तिब्बती निर्वासित संसद का सत्र स्पीकर डोलमा त्सेरिंग के उद्घाटन भाषण से शुरू हुआ, जिसमें नेपाल की बाढ़ से हुई पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। उन्होंने जातीय एकता और प्रगति कानून को लोगों की पहचान, धर्म और संस्कृति पर असर डालने वाली नीति बताया और संसद की स्थायी समिति द्वारा इसकी व्यापक समीक्षा का उल्लेख किया।

16 सितंबर 2026 को 05:04 pm बजे
तिब्बती निर्वासित संसद ने जातीय एकता कानून की कड़ी निंदा की

सौजन्य से:- livehindustan.com

निर्वासित तिब्बती संसद ने जातीय एकता कानून की निंदा की

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली

धर्मशाला में 18वीं तिब्बती निर्वासित संसद का दूसरा सत्र स्पीकर डोलमा त्सेरिंग के भाषण के साथ शुरू हुआ। इस दौरान, नेपाल में बाढ़ से मारे गए लोगों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की गईं। डोलमा त्सेरिंग ने जातीय एकता और प्रगति कानून की निंदा की, जो लोगों की पहचान और संस्कृति को प्रभावित कर सकता है।

धर्मशाला, एजेंसी। 18वीं तिब्बती निर्वासित संसद का दूसरा सत्र स्पीकर डोलमा त्सेरिंग के उद्घाटन भाषण के साथ शुरू हुआ। इस दौरान एकजुटता और शोक प्रस्ताव पेश किए गए। इनमें नेपाल में बाढ़ से जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। इस दौरान जातीय एकता और प्रगति कानून पर अध्यक्ष डोलमा त्सेरिंग ने कहा कि संसद ने इसकी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति लोगों की पहचान, धर्म, संस्कृति और जीवन शैली को पूरी तरह से प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा, संसद की स्थायी समिति के सदस्यों ने इसका काफी हद तक इसकी समीक्षा की है।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
हा तिन्ह द्वारा प्रांतीय कानून प्रसार में डिजिटल क्रांतिकारी कदम
कानून

हा तिन्ह द्वारा प्रांतीय कानून प्रसार में डिजिटल क्रांतिकारी कदम

सीबीआई विशेष अदालत में नेटवर्क व्यवधान, कार्यवाही एक महीने से रुकाव में
कानून

सीबीआई विशेष अदालत में नेटवर्क व्यवधान, कार्यवाही एक महीने से रुकाव में

गाजियाबाद में दिव्यांग गवाहों और आरोपी की पहुंच आसान, कोर्ट में व्हीलचेयर व स्ट्रेचर उपलब्ध
कानून

गाजियाबाद में दिव्यांग गवाहों और आरोपी की पहुंच आसान, कोर्ट में व्हीलचेयर व स्ट्रेचर उपलब्ध

बेअदबी रोधी कानून के संशोधन पर मुख्यमंत्री का दृढ़ संदेश
कानून

बेअदबी रोधी कानून के संशोधन पर मुख्यमंत्री का दृढ़ संदेश

धौलाना तहसील में सवर्ण समुदाय ने यूजीसी नियम और एससी‑एसटी अधिनियम के विरोध में धरना किया
कानून

धौलाना तहसील में सवर्ण समुदाय ने यूजीसी नियम और एससी‑एसटी अधिनियम के विरोध में धरना किया

संतग्रंथ सुरक्षा अधिनियम में बदलाव के लिये मुख्यमंत्री मान से हुई सात सदस्यीय तालमेल समिति की मुलाकात
कानून

संतग्रंथ सुरक्षा अधिनियम में बदलाव के लिये मुख्यमंत्री मान से हुई सात सदस्यीय तालमेल समिति की मुलाकात

12 दिसंबर को अगली लोक अदालत, ट्रैफिक चालानों की माफी का फिर से मौका
कानून

12 दिसंबर को अगली लोक अदालत, ट्रैफिक चालानों की माफी का फिर से मौका

धामी सरकार ने नैनीताल में 1.822 हेक्टेयर जमीन को भू‑कानून के तहत राज्य में निहित किया
कानून

धामी सरकार ने नैनीताल में 1.822 हेक्टेयर जमीन को भू‑कानून के तहत राज्य में निहित किया

ताज़ा ख़बरें