प्रेम प्रसंग में ट्रिपल मर्डर: हत्यारों को उम्रकैद, न्यायालय ने कहा- अपराधियों में कानून का भय नहीं
राजस्थान के कोटा में एक प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद में तीन लोगों की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने कहा कि अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं था।

सौजन्य से:- ETV Bharat
लड़की भगाने के विवाद में ट्रिपल मर्डर, तीन दोषियों को उम्रकैद, जज ने कहा- हत्यारों में नहीं था कानून का भय
न्यायालय ने 5 साल पुराने ट्रिपल मर्डर में शुक्रवार को फैसला सुनाया. लड़की के तीन रिश्तेदारों की हुई थी हत्या.
Published : July 17, 2026 at 7:54 PM IST
कोटा: राजस्थान के कोटा में न्यायालय ने 5 साल पुराने ट्रिपल मर्डर केस में शुक्रवार को फैसला सुनाया. कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. यह पूरा मामला लड़की भगाने से जुड़ा है, जिसमें उसके पिता, दादा व फूफा की हत्या कर दी गई थी. वे बूंदी जिले से अपनी बेटी की तलाश में कोटा आए थे, जहां आरोपी एवं बेटी मिल गई. तीनों आरोपियों ने जानलेवा हमला करते हुए पिता, दादा एवं फूफा को मौत के घाट उतार दिया. न्यायाधीश में टिप्पणी की कि इस नृशंस हत्या करने वाले हत्यारों में कानून व्यवस्था का कोई डर नहीं था.
अपर लोक अभियोजक भारत सिंह आसावत ने बताया कि 28 अप्रैल 2021 को परिवादी लाला ने खातौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया. इसमें बताया कि उसकी बहन मेवा बाई को टोंक जिले के देवली एरिया के चांदनी माताजी निवासी बाबूलाल भील बूंदी से लेकर फरार हो गया. इस मामले में उसके पिता श्योजी, दादा गोपाल व फूफा मुकेश तलाश करने खातौली एरिया में गए थे, जहां छुआरी धाम बालूपा में मेवा मिल गई थी. मेरे पिता और दादा की मौके पर मिले बालू, हंसराज और विकास से बातचीत भी हो गई थी, लेकिन कुछ देर बाद ही आपस में विवाद हो गया. आरोपियों ने लकड़ी, लोहे का पाइप और खूंटिया से हमला कर दिया. इसमें पिता श्योजी, दादा गोपाल व फूफा मुकेश के सिर पर चोटें मारी गई. यह गंभीर चोट सिर में लगने के चलते ही तीनों की मौके पर मौत हो गई थी.
20 हजार अर्थदंड भी लगाया: पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपर बालू, हंसराज और विकास को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया, तब से तीनों अभियुक्त न्यायिक अभिरक्षा में थे. न्यायालय में सुनवाई के दौरान इस मामले में 32 गवाह, 116 दस्तावेज सबूत और 16 भौतिक साक्ष्य पेश किए गए. एडीजे क्रम संख्या 2 की न्यायाधीश सरिता धाकड़ ने हत्या का दोषी माना गया है. इसमें फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसमें 20 हजार अर्थदंड भी लगाया है. न्यायाधीश सरिता धाकड़ ने टिप्पणी की, जिस तरह का नृशंस हत्या के घटनाक्रम को तीनों आरोपियों ने अंजाम दिया है. इससे यह लगता है कि उनके मन में कानून व्यवस्था का कोई भय नहीं था.
पढ़ें: लाठी-डंडों से हमला, एक व्यक्ति की हुई थी मौत...अब कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
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