सुप्रीम कोर्ट में विरोध और हंगामे के आरोप में दो अभियुक्तों को गिरफ़्तारी
दिल्ली पुलिस ने कथित रूप से सुप्रीम कोर्ट में विरोध और हंगामा करने व अदालत की कार्यवाही में बाधा डालने के मामले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया है. दोनों लखनऊ विश्वविद्यालय के लॉ के छात्र हैं.

सौजन्य से:- ETV Bharat
सुप्रीम कोर्ट में अभद्रता करने के मामले में लॉ के दो छात्र गिरफ्तार, सुनवाई के दौरान अभद्र व्यवहार का आरोप
सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा स्टाफ की शिकायत पर तिलक मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज की गई है.
Published : July 15, 2026 at 2:23 PM IST
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में बीती 10 जुलाई को हुई एक सुनवाई के दौरान कथित रूप से हंगामा करने व अदालत की कार्यवाही में बाधा डालने के मामले में दिल्ली पुलिस ने लॉ के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रबल प्रताप व चंदर भान के रूप में हुई है. दोनों लखनऊ विश्वविद्यालय के लॉ के छात्र हैं. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा स्टाफ की शिकायत पर तिलक मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट सिक्योरिटी स्टाफ की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ये घटना 10 जुलाई की है, जब जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच प्रबल प्रताप एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश सरकार मामले की सुनवाई कर रही थी. इस मामले में याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप स्वयं अदालत में अपनी पैरवी कर रहे थे. सुनवाई के दौरान उनके व्यवहार को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा स्टाफ ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर तिलक मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज की गई.
कार्यवाही में बाधा डालने और अभद्र भाषा का आरोप
एफआईआर के अनुसार, सुनवाई के दौरान प्रबल प्रताप ने अदालत की कार्यवाही में लगातार हस्तक्षेप किया. उन पर कोर्ट में अभद्र व असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने, बेंच के सामने कागज फेंकने व हंगामा करने का आरोप है. पुलिस का कहना है कि उनकी हरकतों से कुछ समय के लिए अदालत की सामान्य कार्यवाही प्रभावित हुई. एफआईआर में ये भी कहा गया है कि जब सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा कर्मियों व स्टाफ ने स्थिति को नियंत्रित करने तथा अदालत की गरिमा बनाए रखने का प्रयास किया, तब आरोपी ने उनके साथ बल प्रयोग किया. इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें कोर्ट रूम से बाहर निकाला.
सुनवाई के दौरान क्या हुआ था
घटना के दौरान प्रबल प्रताप ने कथित तौर पर बेंच को मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट कहकर संबोधित किया. इसके बाद उन्होंने अदालत से कहा कि "मैं आपको आदेश देता हूं..." इस टिप्पणी के बाद उन्होंने बेंच के सामने कागज फेंकने शुरू कर दिए. कोर्ट रूम में अचानक बने इस माहौल को देखकर सुरक्षा कर्मी तुरंत सक्रिय हुए और उन्हें रोकने का प्रयास किया.
आरोप है कि इस दौरान प्रबल प्रताप ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के खिलाफ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया. सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें काबू में कर अदालत कक्ष से बाहर ले जाया. मामले में मौजूद दूसरे आरोपी चंदर भान की भूमिका की भी जांच की गई, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है.
पुलिस कर रही है विस्तृत जांच
दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस सुप्रीम कोर्ट परिसर में मौजूद सुरक्षा कर्मियों व अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है. इसके साथ ही उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. यह घटना देश की सर्वोच्च अदालत की कार्यवाही के दौरान हुई, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि अदालत की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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